यूपी – UP News : हाईकोर्ट में याचिका के लिए जाली विवाह प्रमाणपत्र बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, ऐसे हुआ खुलासा – INA

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हाईकोर्ट में याचिका के लिए जाली विवाह प्रमाणपत्र बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ का पुलिस ने मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान कसारी-मसारी निवासी अनिल कुमार प्रजापति और पुराना कटरा निवासी राजा उर्फ शेषमणि दुबे के रूप में हुई है।

आरोपियों के कब्जे से तीन कंप्यूटर और अन्य सामान के अलावा विभिन्न संस्थाओं के जाली विवाह प्रमाणपत्रों की हार्ड व सॉफ्ट कॉपी भी बरामद हुई है। यह खेल हाईकोर्ट के पास न्यायविद हनुमान मंदिर के सामने फोटोस्टेट की दुकान पर चल रहा था। अनिल मूल रूप से पटेल नगर, अंबेडकर नगर का रहने वाला है।

पुलिस के मुताबिक, फिरोजाबाद की शिवानी और इटावा के श्रीकांत ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की गुहार लगाई। दोनों ने याचिका के साथ आर्य समाज कृष्ण नगर, कीडगंज (कैंप कार्यालय माधवपुर पट्टी खरकौनी, नैनी) से जारी विवाह प्रमाणपत्र संलग्न किया।


हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने संस्था के पते पर जाकर जांच की तो पदाधिकारियों ने प्रमाणपत्र को फर्जी बताया। इस पर कैंट थाने में दोनों याचिकाकर्ताओं के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई। इसी तरह प्रेमी जोड़ों की ओर से सुरक्षा के लिए दाखिल की गईं आठ अन्य याचिकाओं में भी अलग-अलग संस्थाओं के नाम से प्रस्तुत किए गए विवाह प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर जिले में आठ और मुकदमे याचिकाकर्ताओं और सहयोगियों पर दर्ज किए गए।

जांच के दौरान पुलिस को खबर मिली कि हाईकोर्ट न्यायविद हनुमान मंदिर के पास स्थित फाेटोस्टेट की दुकान से जाली विवाह प्रमाणपत्र मुहैया कराए जा रहे हैं। इस पर सोमवार रात पुलिस अजय इंटरप्राइजेज नामक दुकान पर छापा मारा। यहां तीन जाली विवाह प्रमाणपत्र के साथ कंप्यूटर में उनकी सॉफ्ट कॉपी भी मिलीं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने बताया कि मोटी रकम लेकर प्रेमी जोड़ों को जाली मैरिज सर्टिफिकेट देते थे।


15 से 20 हजार रुपये लेते थे प्रेमी जोड़ों से

डीसीपी नगर अभिषेक भारती ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि गिरोह के बदमाश भागकर आने वाले प्रेमी जोड़ों को सुरक्षा दिलाने का दावा कर भरोसे में लेते थे। इसके बाद उनसे 15-20 हजार रुपये ऐंठे जाते थे। जिसके एवज में उन्हें जाली विवाह प्रमाणपत्र मुहैया कराया जाता था। गिरोह में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। दुकान का मालिक अजय चौरसिया है, वह नहीं मिला है। उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।


श्रीकांत समेत दो याचिकाकर्ता जा चुके हैं जेल

प्रकरण से संबंधित कैंट व कौंधियारा थाने में दर्ज मुकदमों में मोहनपुर लरखोर, सैफई, इटावा निवासी याचिकाकर्ता श्रीकांत निवासी और हरसरनपुर, बरौत, हंडिया निवासी आशीष कुमार जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि उनसे पूछताछ के बाद टीमें जाली विवाह प्रमाणपत्र मुहैया कराने वाले गिरोह की तलाश में जुटी थीं। गौरतलब है कि इस प्रकरण में जिले में दर्ज सभी मुकदमों में से सात कैंट जबकि एक-एक मुकदमा हंडिया और कौंधियारा थाने में लिखाया गया है।


Credit By Amar Ujala

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