काम्पिटीशन::अंतर्विद्यालयीन प्रतियोगिता में 27 स्कूलों के 500 बच्चों ने दिखाई अपनी प्रतिभा

सेक्टर-21सी स्थित मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल में अंतर्विद्यालयीन प्रतियोगिता ‘अभिव्यक्ति’ का आयोजन किया गया। इसमें फरीदाबाद, गुरुग्राम, दिल्ली एवं आसपास के 27 विद्यालयों के लगभग 500 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कक्षा एक 1 से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों ने अपने मन के भावों को भाषा, नृत्य, गायन, वादन, चित्रकला और शिल्पकला के माध्यम से अभिव्यक्त किया। प्रतियोगिता की विभिन्न श्रेणियों और 30 उपश्रेणियों में प्रतिभागियों ने संस्कृत, हिंदी, अंग्रेज़ी, फ्रेंच एवं स्पेनिश भाषाओं तथा भिन्न-भिन्न वाद्ययंत्रों, गीत, ग़ज़ल, सूफ़ी, अर्ध शास्त्रीय व पाश्चात्य नृत्य-संगीत, थियेटर एकल, माइम और भारतीय शास्त्रीय नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। बच्चों ने चित्रकला और शिल्पकला की कलाकृतियों से विद्यालय प्रांगण को एक ‘लघु विश्व’ में परिवर्तित कर दिया। विद्यार्थियों ने अपनी अनुपम प्रस्तुतियों के माध्यम से विश्व में शांति, प्रेम, सद्भाव, सौहार्द और भाईचारे की आवश्यकता पर बल दिया। सुप्रसिद्ध बांसुरीवादक पंडित चेतन जोशी प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने इस दौरान कहा कि इससे ललित कलाओं का प्रचार-प्रसार होगा। इनसे छात्र इन कलाओं को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने प्रतियोगिता की थीम ‘सहअस्तित्व’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के समय में देश के भावी कर्णधारों को शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व जैसे विषय पर जागरूक करना बहुत ही सराहनीय है। प्रतियोगिता के विशिष्ट अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध कत्थक नर्तक पंडित बिरजू महाराज के पुत्र पंडित दीपक महाराज ने कला के माध्यम से शांति का संदेश प्रसारित करने के लिए विद्यालय के प्रयास की प्रशंसा की। मानव रचना शिक्षण संस्थान के उपाध्यक्ष अमित भल्ला ने इस अवसर पर कहाकि शांति, सद्भाव और भाईचारा आज के समय की आवश्यकता है। खुद को सदा शांत रखने वाला व्यक्ति न अपने जीवन में ढेरों सुख पाने के योग्य हो जाता है बल्कि वह अपने आसपास के लोगों और वातावरण को भी शांतिपूर्ण बनाए रखता है। मानव रचना विद्यालयों की निदेशक संयोगिता शर्मा ने प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें आगे और बेहतर करने के लिए पेरित किया। निर्णायक मंडल में शामिल हरिओम शास्त्री, डॉ. मीना, अर्चना, एकता, सुरभि, मीता रामपाल, संजय सिंह राणा, गौरव कुमार, अर्पण सिंह, मुकेश गंगनानी, नदीम खान ने छात्रों की प्रशंसा कर उन्हें अपनी कला एवं कौशल द्वारा जनकल्याण के लिए प्रोत्साहित किया। स्कूल की प्रधानाचार्य सीमा अनीस ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके भाषा कौशल, उनकी सोच तथा उनके प्रस्तुतिकरण की प्रशंसा करते हुए उन्हें विश्व के नन्हें शांतिदूत कहा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से प्रेम, दया एवं सहिष्णुता के गुणों को अपनाने की अपील की।

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