खबर मध्यप्रदेश – मध्य प्रदेश में मोहन यादव कैबिनेट की बैठक, CM बोले- अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ करेंगे उपराष्ट्रपति – INA

मध्य प्रदेश में मोहन यादव कैबिनेट की बैठक, CM बोले- अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ करेंगे उपराष्ट्रपति

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक हुई, इस बैठक की शुरूआत वंदे मातरम के गान के साथ हुआ. इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में नर्मदापुरम में 7 दिसंबर को अगली रीजनल इंडस्ट्री समिट आयोजित करने, हाथियों के प्रबंधन को बेहतर बनाने, और उमरिया-बांधवगढ़ क्षेत्र में स्थायी रूप से बसे हाथियों पर आधारित पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे फैसले शामिल थे.

बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया, जिससे प्रदेश में गौ-वंश के प्रति प्रेम बढ़ेगा और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने यह भी बताया कि रीवा में हाल ही में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से उद्योगपतियों और निवेशकों का उत्साहवर्धक समर्थन मिला है, जिससे 31 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव और लगभग 28 हजार रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे. अगली रीजनल इंडस्ट्री समिट 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम में आयोजित होगी.

कालिदास समारोह की शुरुआत करेंगे उपराष्ट्रपति

मुख्यमंत्री ने बताया कि 12 दिसंबर को उपराष्ट्रपति श्री जगदीश धनखड़ मध्य प्रदेश में अखिल भारतीय कालिदास समारोह का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीमच, मंदसौर और सिवनी के मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया और आयुर्वेदिक चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए, जिससे प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र में नई सौगातें मिलीं.

सहायता राशि 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख की

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार जंगली जानवरों द्वारा होने वाली जनहानि पर सहायता राशि को 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करेगी. हाथियों के दलों के आवागमन की जानकारी और उनके प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार से बातचीत की गई है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

उन्होंने कहा कि उमरिया और बांधवगढ़ के वन क्षेत्र में 100 से अधिक हाथी स्थाई रूप से बस गए हैं और उनके प्रबंधन के लिए हाथी मित्र योजना लागू की जाएगी. इस योजना के तहत टास्क फोर्स बनाए जाएंगे और मानक परिचालन निर्देश लागू किए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में टाइगर और चीतों के संरक्षण में मध्य प्रदेश ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है और अब हाथियों पर आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं.

[ad_2]
Source link

Back to top button