खबर शहर , पुलिस हिरासत में मौत: पुलिस पर उठ रहे गंभीर सवाल… मारपीट में लगी थी मोहित को चोट तो रिपोर्ट क्यों नहीं लिखी? – INA

चिनहट पुलिस की अभिरक्षा में व्यापारी मोहित पांडेय की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को दबाने में जुटी पुलिस उलझ गई है। पुलिस यह स्वीकार कर रही है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मोहित के शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे। इसका कारण पुलिस मोहित व आदेश के बीच हुई मारपीट को बता रही है। ऐसे में सवाल ये है कि अगर मोहित चोटिल थे तो उन्हें लॉकअप में क्यों डाला गया? पुलिस ने आरोपियों पर रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की?

पुलिस ने महज शांतिभंग में कार्रवाई की और लॉकअप में तड़प रहे मोहित को मदद नहीं पहुंचाई। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने सोमवार को चिनहट कोतवाली में तैनात दो अन्य निरीक्षकों को कोतवाली से हटा दिया। अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक चिनहट प्रकाश सिंह को आशियाना और आनंद भूषण को गोमतीनगर विस्तार थाना भेजा गया है। वहीं, दरोगा सफात उल्ला खां को आशियाना से चिनहट कोतवाली का वरिष्ठ उपनिरीक्षक बनाया गया है।

अभी तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है


खास बात ये है कि अभी तक मामले में एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। यही नहीं, परिवार का आरोप है कि जिन पुलिसकर्मियों ने मोहित की पिटाई की थी, उनकी पहचान भी उजागर नहीं की गई है। डीसीपी का कहना है कि विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

विधायक के फोन से दबाव में आए थे इंस्पेक्टर


मोहित पांडेय के दोस्त राहुल ने इस मामले में एक विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल का कहना है कि आदेश के चाचा विधायक के लिए ठेकेदारी करते हैं। उनके कहने पर विधायक ने तत्कालीन इंस्पेक्टर चिनहट अश्वनी चतुर्वेदी को फोन किया था। दबाव में आकर मोहित की पिटाई कर लॉकअप में डाल दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि पुलिस को आदेश के फोन से बातचीत का एक ऑडियो मिला है। इसके बारे में पुलिस जांच कर रही है।

उपमुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात


पीड़ित परिवार से सोमवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुलाकात कर सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी दाेषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बोले, मैं हर परिस्थिति, हर कदम पर पीड़ित परिवार के साथ हूं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने परिवार के बच्चों से भी बात की।

मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश


डीसीपी पूर्वी ने जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार को मजिस्ट्रेटी जांच के लिए पत्र भेजा है। डीएम के मुताबिक मजिस्ट्रेटी जांच की कार्रवाई की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर . की कार्रवाई की जाएगी।

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Credit By Amar Ujala

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