खबर शहर , UP: दरिंदे ने जैसे ली मासूम की जान, वैसी ही मौत मिले…दुष्कर्मी को सजा-ए-मौत, परिजन बोले- इस दिन का था इंतजार – INA

आगरा में दिवाली पर इंसाफ की जीत हुई है। हमने जो खो दिया, वह अब लाैटकर नहीं आ सकता है। मगर, उसने जो किया, उसकी सजा मिल गई। अब जिस तरह से उसने मेरी फूल सी बिटिया को तड़पाकर मारा, उस तरह से वो भी मरते समय तड़पना चाहिए। मेरी बेटी कभी वापस नहीं आएगी, पर सजा से ऐसा करने की सोचने वालों की रूह कांप जाएगी। यह बताते हुए मृतक बच्ची की मां और दादी की आंखों से आंसू निकलने लगते हैं। वह अपनी बेटी की याद में आंसू बहा रही हैं। 10 महीने से चाैकीदार राजवीर की सजा के इंतजार में एक-एक दिन गिन रही थीं।

मृतक बालिका के घर में दादी-दादा, मां और पिता के अलावा 3 साल की छोटी बहन है। पिता ने बालिका की मां को फोन कर चाैकीदार को सजा मिलने की जानकारी दी थी। इससे वह इंसाफ मिलने पर खुशी तो जाहिर कर रही थी, लेकिन दूसरी तरफ बेटी के दूर जाने का गम भी था। उन्होंने बेटी की फोटो को अपने हाथों में ले लिया। उसे एकटक निहारने लगीं। दादी और मासूम बहन भी बहन को याद कर रही थीं।

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मां और दादी की आंखों में आ गए आंसू 
मां और दादी की आंखों में आंसू भी आ गए। वह कह रही थीं कि चाैकीदार ने उनकी बेटी को छीन लिया। बड़ी बेरहमी से मार दिया। जिस तरह से उसकी जान ली गई, उसी तरह दोषी को भी सजा मिलनी चाहिए। ताकि और कोई इस तरह की दरिंदगी करने की सोच भी नहीं सके। पिता ने भी यही कहा कि पुलिस की पैरवी और कोर्ट पर पूरा भराेसा था। आज उन्हें इंसाफ मिल गया।
 
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आरोपी के परिजन बोले, जैसी करनी, वैसी भरनी
वहीं राजवीर के घर में भतीजा बैठा हुआ था। अमर उजाला रिपोर्टर को भतीजे ने बतायाकि घटना के बाद चाचा से मिलने कोई नहीं गया। उनकी हरकत ने पूरे परिवर को शर्मशार कर दिया था। गांव के लोग भी उन्हें कोसने लगे थे। इसलिए किसी ने पैरवी नहीं की। सजा मिली है तो जैसी करनी, वैसी भरनी है।

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एत्मादपुर में फांसी का दूसरा मामला
27 नवंबर 2017 को भी एत्मादपुर में 7 साल की बालिका के साथ इसी तरह की घटना हुई थी। उसकी दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। बालिका का शव एक स्कूल परिसर में पड़ा मिला था। घटना के बाद लोग आक्रोशित हो गए थे। पुलिस ने शक के आधार पर गांव के माैनी नामक युवक को पकड़ा था। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट में 16 गवाह पेश किए गए। 20 नवंबर 2019 को फैसला आया था। दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई थी।
 

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Credit By Amar Ujala

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