खबर शहर , UP: सहायक विकास अधिकारी हुए ऐसी वारदात का शिकार, बेटा हिरासत में होने की धमकी और फिर…ऐसी ठगी से रहें सावधान – INA

साइबर अपराधियों ने सहायक विकास अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर 25 हजार रुपये की ठगी कर ली। उनको साले का बेटा हिरासत में होने की बात कहकर कॉल किया गया। हत्या के मामले में फंसने का आरोप लगाते हुए रकम की मांग की। पीड़ित ने एक बार रकम दे दी। इसके बाद उन्होंने भतीजे को कॉल किया तो धोखाधड़ी का पता चला। थाना एत्मादपुर में शिकायत की है।

एत्मादपुर ब्लाक में सहायक विकास अधिकारी (कृषि) के पद पर तैनात शैलेंद्र प्रताप शाह बुधवार को कार्यालय आ रहे थे। बरहन के पास मोबाइल पर वाट्स एप पर कॉल आई। दूसरी तरफ से कहा कि मैं चंडीगढ़ से एसआई विजय कुमार झा बोल रहा हूं। आपके साले इंद्रपाल सिंह के बेटे अनुज की पोस्टिंग एसबीआई में होने वाली है। इस समय हमारी हिरासत में है। उसे दो मर्डर केस के वारंटी उसके मित्र और बहन के साथ पकड़ा है। पता चला है कि अनुज निर्दोष है और हमारे पास बैठा है। आप इसके फूफा हैं। हम भी इंसान हैं। हमारे भी बच्चे हैं। आप इसकी जिंदगी (भविष्य) बचा सकते हो।

यह सुनकर शैलेंद्र घबरा गए। उन्हें विश्वास दिलाने के लिए किसी की आवाज भी सुनाई। वह कह रहा था कि आप इनको जल्दी पैसे दे दो। मैं आकर आपके खाते में डाल दूंगा। पापा को यह सब मत बताना। उनसे 50 हजार रुपए मांगे गए। मना करने पर 25 हजार रुपए पर आ गए। उन्होंने ऑनलाइन भेज दिए। कुछ देर बाद एडीओ ने अपने साले के पुत्र अनुज के मोबाइल पर कॉल की तो वह आगरा में था। तब उन्हें धोखाधड़ी होने की जानकारी हुई।

दोबारा आया था फोन

शैलेंद्र प्रताप ने बताया कि शाम को उनके पास दोबारा से फोन आया। उनसे कहा कि आप एक नेक अधिकारी हैं। मैं आपके पैसे वापस कर रहा हूं। मेरा खाता सरकारी है। 30 हजार से कम का लेनदेन नहीं होता है। इसलिए आप 5 हजार रुपए और भेज दो। मैं 30 हजार रुपए वापस कर दूंगा। एडीओ तब तक बैंक से लेकर पुलिस तक को अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी दे चुके थे। वह झांसे में नहीं आए। जिस नंबर पर ऑनलाइन रकम भेजी गई थी, उसकी आईडी प्रिंस चौहान के नाम पर है। फोन करने वाले ने अपना नाम विजय कुमार झा बताया था। दूसरे मोबाइल नंबर की आईडी भी ओस पासवान के नाम पर है।

 


Credit By Amar Ujala

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