यूपी- Bahraich Violence: बहराइच के रहने वाले बाबा सिद्दीकी के शूटर, वहीं पर भड़की हिंसा… दोनों में क्या कनेक्शन? – INA

12 अक्टूबर को मुंबई में हुए एक शूटआउट ने देशभर को हिला दिया. ये शूटआउट किसी ऐसे-वैसे व्यक्ति का भी नहीं था, बल्कि पॉलिटिक्स और बॉलीवुड के कॉकटेल बाबा सिद्दीकी का था. बाबा सिद्दीकी को मारने वाले तीन शूटरों में दो शूटर यूपी के बहराइच जिले के कैसरगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले थे. जैसे ही मीडिया को इसकी जानकारी हुई, मीडिया की टीमें शूटरों के घर पहुंचने लगीं. अचानक से रविवार रात हरदी थाना क्षेत्र के महसी इलाके में मूर्ति विर्सजन के दौरान हिंसा भड़क गई. हरदी और कैसरगंज की दूरी 56 किलोमीटर है. ऐसे में एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या बाबा सिद्दीकी के मर्डर से धर्म विशेष के अंदर कोई उबाल सा उठा, जो मूर्ति विसर्जन के दौरान हिंसा में भड़क उठा?

अगर हमें बाबा सिद्दीकी मर्डर और बहराइच में भड़की हिंसा के कनेक्शन को समझना है तो सबसे पहले NCP नेता बाबा सिद्दीकी के मर्डर की पूरी कहानी को जानिए. बीते शनिवार की रात मुंबई में तीन शूटरों ने बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. तीन शूटरों में से एक हरियाणा का रहने वाला 23 वर्षीय गुरमेल सिंह है. वहीं दो अन्य शूटर उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कैसरगंज थाना क्षेत्र के गंडारा गांव के रहने वाले हैं. इन दोनों का नाम धर्मराज कश्यप और शिवकुमार उर्फ शिव गौतम है. मुंबई पुलिस ने इन दोनों में से धर्मराज कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शिवकुमार गौतम अभी फरार है.

मूर्ति विसर्जन के दौरान भड़की थी हिंसा

बाबा सिद्दीकी मुंबई एक बड़े नेता थे. वह पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक रह चुके थे. उनके बेटे जीशान सिद्दीकी इस समय विधायक हैं. यूपी से सटे बिहार से भी उनका नाता था. बिहार के गोपालगंज जिले में उनका पृतक घर है. चूंकि बाबा सिद्दीकी का मर्डर करने वाले यूपी के बहराइच जिले के थे. जैसे ही इसकी जानकारी मीडिया को हुई तो आनन-फानन में मीडिया की टीमें गंडारा गांव पहुंचने लगीं. शूटरों के परिजनों से उनके बारे में जानकारी जुटाने लगीं. बाबा सिद्दीकी मर्डर के एक दिन बाद बहराइच में ही मूर्ति विसर्जन के बाद हिंसा भड़क उठी.

आरोपियों के घर से 56 किमी दूर हुई हिंसा

ये हिंसा कैसरगंज थाना क्षेत्र के गंडारा गांव से 56 किलोमीटर दूर स्थित हरदी थाना क्षेत्र के महसी इलाके में भड़की. एक रामगोपाल मिश्रा नाम के एक व्यक्ति की इस हिंसा में मौत भी हो गई. हालात इतने बेकाबू हो गए कि राजधानी लखनऊ से पुलिस के आला अधिकारियों को भेजना पड़ा. आगजनी और तोड़फोड़ से महसी इलाके में दहशत के माहौल व्याप्त हो गए. आला अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर भी उपद्रवी नहीं मानें और जमकर आगजनी और तोड़फोड़ करने लगे.

हत्या के दूसरे दिन ही क्यों भड़की बहराइच में हिंसा?

अब सवाल ये खड़ा होने लगा कि क्या ये हिंसा कोई सुनियोजित साजिश थी? करीब 1400 किलोमीटर दूर बाबा सिद्दीकी के हुए मर्डर में बहराइच के शूटरों का हाथ होने से की बात जैसे ही सामने आई, धर्म विशेष का गुस्सा अंदर ही अंदर फूट पड़ा और मूर्ति विसर्जन के दौरान यात्रा रूट पर वह उत्तेजित हो गए. वहीं एक बात ये भी है कि क्या बाबा सिद्दीकी के मर्डर को लेकर यात्रा में ही किसी प्रकार की नारेबाजी की गई, जो धर्म विशेष को नागवार गुजरी और उन्होंने यात्रा पर ही हमला कर दिया? ये सब सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि हत्या के दूसरी दिन ही हिंसा का होना बड़ी बात है. इस समय मीडिया का जमावड़ा भी बहराइच में है. मीडिया की टीमें दोनों आरोपियों के घर पहुंच रही हैं. हिंसा के दौरान मीडिया पर भी हमला किया गया है.


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