सुप्रीम कोर्ट बोला- PIL अब पैसा इंटरेस्ट लिटिगेशन बनी:सबरीमाला केस में वकीलों ने याचिका लगाई; जज ने कहा- अपने लोगों के लिए काम करें- INA NEWS

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (जनहित याचिका) अब प्राइवेट इंटरेस्ट और पब्लिसिटी इंटरेस्ट, पैसा इंटरेस्ट लिटिगेशन और पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन बन गई हैं। यह कमेंट नौ जजों की संविधान बेंच ने केरल के सबरीमाला मंदिर से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान किया। कोर्ट ने इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन के 2006 के PIL के मकसद पर सवाल उठाया, जिसमें केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि PIL कानून की प्रोसेस का गलत इस्तेमाल है और एसोसिएशन को ऐसी PIL फाइल करने के बजाय बार और अपने युवा सदस्यों की भलाई के लिए काम करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में धार्मिक जगहों पर महिलाओं के साथ भेदभाव और अलग-अलग धर्मों में धार्मिक आजादी के दायरे से जुड़ी याचिकाओं पर 11वें दिन की सुनवाई चल रही है। सितंबर 2018 में 5 जजों की संविधान बेंच ने 4:1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए सबरीमाला अयप्पा मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी थी। तब कोर्ट ने कहा था कि सदियों पुरानी हिंदू धार्मिक प्रथा गैर-कानूनी और असंवैधानिक है। जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के कमेंट
Source link
यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |



