सेहत – 10 दवाइयों का काम अकेले न खीपटाएगी ये ‘काली देसी चीज’, मंडी में म खीलेगी बस 3 महीने, दिल-आंख-पेट सब होगा टनाटन

काली गाजर के 7 फायदे: सर्दियाँ का मौसम आते ही पूरे बाज़ार में हरी सब्जियाँ से बाज़ार भर जाते हैं। मेथी, बथुआ, सरसों और चना के साग का स्वाद तो कमाल है ही, इस दौरान गाजर-मूली का भी मौसम आता है। लाल-लाल गाजर के छिलके कच्ची खलें, सब्जी बनाई या फिर हलवे के तौर पर, मोटापा और स्वास्थ्य दोनों के फायदे बहुत हैं। लेकिन इसी मौसम में आती है एक काली देसी चीज, जो सेहत के लिए कई पवित्र चीजों के बराबर होती है। हम बात कर रहे हैं काली गाजर (काली गाजर) की ‘देसी गाजर’ भी कहते हैं। आपने लाल गाजर तो बहुत खाया होगा, लेकिन क्या आपने कभी काला गाजर खाया है? काली गाजर में गाजर से लेकर पोटेशियम, विटामिन-ए, विटामिन-सी जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। पाचन से लेकर आपके हार्ट हेल्थ तक, ये काली गाजर इतनी पकाई हुई है कि कई औषधियों का काम अकेले ही न जिपता देवी है।
काली गाजर का उपयोग विशेष रूप से भारत और मध्य पूर्व के कुछ सिद्धांतों में किया जाता है, इसे पारंपरिक चिकित्सा में किसी औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। यही वजह है कि इसे भोजन में शामिल करने की सलाह दी जाती है। चलचित्र में आपको बताया गया है कि ये काली गाजर आपके लिए लाभकारी हो सकती है।
1.काली गाजर में एंथोसिन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाकर उम्र बढ़ने के प्रभाव को कम करता है। ये फ्री रेडिकल इंजेक्शन कैंसर का कारक हैं। यही कारण है कि इस गाजर को कैंसर से बचाव के लिए अहम माना जाता है। पाए जाने वाले फाइटोन्यूट्रिएंट वैज्ञानिक और एंटीऑक्सीडेंट कैंसर के विकास को रोकने में मदद कर सकते हैं।
2. जब भी डिजिटल की बात आती है तो पेट के बारे में बात करना सबसे जरूरी है। काले गाजर में बबूल की मात्रा होता है. इसे खाने से आपकी पाचन और पाचन संबंधी परेशानियां दूर होंगी।
3. काला गाजर रक्तचाप को नियंत्रित करना और रक्तचाप को कम करना करने में मदद मिलती है, जिससे दिल की बीमारी का खतरा कम हो जाता है। यानि इस गाजर का हलवा भी आपके लिए फायदेमंद है।
4. गाजर को हमेशा ही आंखों के सामने सबसे अच्छा खाना माना जाता है। लाल गाजर की तरह ही काले गाजर में विटामिन ए और बीटा-कैरोटीन प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो आंखों की रोशनी वाले उपकरणों और मंदिरों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।
5. काली गाजर का ग्लाइसेमिक अणु काफी कम होता है है, यह बोटल्ड शुगर के लेवल को कंट्रोल में रखने में मदद करता है। यानी डायबीटीज के मरीज भी इसे बड़ी आसानी से खा सकते हैं।
लखनऊ में काली गाजर का हलवा बहुत पसंद से खाया जाता है।
6. काली गाजर का सेवन त्वचा को ग्लोइंग बनाता है और गाजर को कम करता है। इसमें सूजन रोधी गुण भी होते हैं, जो त्वचा संबंधी परमाणु ऊर्जा निगमों में राहत देते हैं।
7.काली गाजर में विटामिन सी और अन्य पोषक तत्व इम्यून सिस्टम को मजबूत हैं, नोजल-टूटखांसी और अन्य संक्रमणों से बचाव होता है।
काली गाजर का सेवन कीक, एसू, अचार, या सुपर के रूप में किया जा सकता है। लेकिन देश के कई हिस्सों में काली गाजर का हलवा भी खूब खाया जाता है. स्वास्थ्य के साथ-साथ ये स्वास्थ्यवाद में भी सबसे अच्छा होता है।
पहले प्रकाशित : 25 नवंबर, 2024, 13:53 IST
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