UP News: 3 महीने के नवजात के पेट में था 8 हफ्ते का भ्रूण, डॉक्टरों ने जैसे ही निकाला… बाल और हड्डियां देख उड़े सबके होश – INA

Ajab Gajab News: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद स्थित रामपुर गार्डन के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने एक ऐसा अत्यंत दुर्लभ ऑपरेशन किया है, जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया है. शाहजहांपुर जिले के कलान क्षेत्र के रहने वाले एक किसान दंपति के 3 महीने के मासूम बेटे के पेट से डॉक्टरों ने करीब 8 सप्ताह का विकसित भ्रूण सफलतापूर्वक बाहर निकाला है. चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस बेहद दुर्लभ जन्मजात स्थिति को फीटस इन फीटू (Fetus in Fetu) कहा जाता है. डॉक्टरों के मुताबिक, बरेली में यह अपनी तरह का दूसरा मामला है और दुनिया भर में भी इसके बहुत ही गिने-चुने मामले दर्ज हैं.
दरअसल, बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद से ही उसे दूध पचाने में भारी दिक्कत होने लगी थी. वह लगातार उल्टी कर देता था. धीरे-धीरे उसका पेट असामान्य रूप से फूलने लगा और छूने पर पेट के भीतर एक बड़ी गांठ महसूस होने लगी. परेशान माता-पिता बच्चे को जांच के लिए एक निजी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने जब बच्चे का अल्ट्रासाउंड और अन्य जरूरी टेस्ट किए, तो रिपोर्ट देखकर सब चौंक गए. बच्चे के लिवर के ठीक नीचे एक असामान्य मानव संरचना विकसित हो रही थी, जिसमें बारीक बाल, हड्डियां और अंगुलियों जैसे अंग साफ नजर आ रहे थे.
2 घंटे चली बेहद जटिल सर्जरी, बाहर निकाला 60 ग्राम का भ्रूण
चूंकि मामला बेहद पेचीदा था, इसलिए शुरुआत में मेडिकल कॉलेज में इस संवेदनशील ऑपरेशन को करने से मना कर दिया गया था. इसके बाद बेबस परिवार बच्चे को लेकर रामपुर गार्डन के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. राजीव अग्रवाल के पास पहुंचा. डॉ. अग्रवाल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चुनौती स्वीकार की और ऑपरेशन का फैसला लिया: डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने करीब 13 वर्ष पहले भी बरेली में ऐसा ही एक दुर्लभ ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया था. उसी पुराने अनुभव के आधार पर पूरी मेडिकल टीम ने बेहद सावधानी से काम किया.
लिवर और किडनी से चिपका था भ्रूण
करीब दो घंटे तक चले इस बेहद जटिल ऑपरेशन के बाद बच्चे के पेट से लगभग 60 ग्राम वजन का भ्रूण सुरक्षित बाहर निकाला गया. डॉक्टरों के अनुसार, यह भ्रूण एक बड़ी सिस्ट (थैली) के अंदर बंद था, जिसमें करीब 200 मिलीलीटर लिक्विड (द्रव्य) भरा हुआ था. सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इस अंदरूनी भ्रूण को रक्त की आपूर्ति बच्चे के अपने लिवर से हो रही थी और वह लिवर, किडनी तथा आंतों से बुरी तरह चिपका हुआ था. जरा सी चूक बच्चे के अंगों को भारी नुकसान पहुंचा सकती थी.
ये भी पढ़ें: पति ने पकड़े पैर, देवर ने रेता गला जब राज खुलने का सताया डर तो मासूम बेटे को भी मार डाला, मुरादाबाद में डबल मर्डर से सनसनी
सफल ऑपरेशन के बाद बच्चा पूरी तरह सुरक्षित
डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. दीपक मिश्रा और डॉ. विवेक सक्सेना की विशेषज्ञ टीम ने बेहद सूक्ष्म कुशलता दिखाते हुए भ्रूण को बच्चे के मुख्य अंगों से पूरी तरह अलग कर दिया. सफल ऑपरेशन के बाद मासूम बच्चा अब पूरी तरह खतरे से बाहर है और उसकी हालत सामान्य बनी हुई है. सफल सर्जरी के बाद बच्चे के नाना छोटेलाल और पूरे परिवार ने डॉक्टरों की टीम को भगवान का रूप बताते हुए उनका सहृदय आभार व्यक्त किया है.
क्या होती है यह दुर्लभ स्थिति “फीटस इन फीटू”?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, ‘फीटस इन फीटू’ एक अत्यंत दुर्लभ जन्मजात विसंगति है. गर्भावस्था की बिल्कुल शुरुआती अवस्था में जब मां के गर्भ में जुड़वां भ्रूण बन रहे होते हैं, तब किसी कारणवश एक भ्रूण दूसरे भ्रूण के शरीर के अंदर समा जाता है. इसके बाद अंदर छिपे हुए उस भ्रूण का सामान्य विकास तो रुक जाता है, लेकिन उसके शरीर के कुछ हिस्से जैसे बाल, हड्डियां और अंगुलियां अंदर ही अंदर बढ़ते रहते हैं.
5 लाख में से किसी एक को होता है ऐसा
डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति करीब 5 लाख जीवित जन्मों में से किसी एक बच्चे में देखने को मिलती है. अमूमन यह स्थिति बच्चियों के पेट के निचले हिस्से में पाई जाती है, लेकिन इस मामले में यह 3 महीने के लड़के के लिवर के ठीक नीचे दाईं ओर मिला, जो इसे चिकित्सा इतिहास में और भी ज्यादा दुर्लभ और अनोखा बना देता है.
3 महीने के नवजात के पेट में था 8 हफ्ते का भ्रूण, डॉक्टरों ने जैसे ही निकाला… बाल और हड्डियां देख उड़े सबके होश
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,