लगभग सात साल पहले गुजरात के जूनागड़ सफारी से लाई गई शेरनी राधिका के घायल होने के बाद उपचार के दौरान पं. दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, मथुरा की टीम को राधिका की पूंछ काटनी पड़ी है। चिकित्सकों का दावा है कि उसका स्वास्थ्य बेहतर है।
बता दें कि शेरनी राधिका को लगभग 2019 में गुजरात के जूनागड़ से लाया गया था। हाल में शेरनी नीरजा और राधिका को पास के नाइट सेल में रखा जा रहा था। आठ जुलाई को नीरजा ने राधिका की पूंछ में काट लिया था। इस पर सफारी की चिकित्सीय टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद पं. दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, मथुरा से टीम बुलवाई थी। डॉ. संजय पुरोहित के नेतृत्व में आई तीन सदस्यीय टीम राधिका का उपचार कर रही थी।
चोटिल पूंछ में बार-बार राधिका के चोट मार लेने और संक्रमण फैलने के डर से 10 जुलाई को चिकित्सीय टीम ने राधिका की पूछ काट दी है। डॉ. संजय पुरोहित ने बताया कि शेरनी अब पूरी तरह से स्वस्थ है। संक्रमण न फैल इसलिए उसकी पूंछ को काटना पड़ा।