UP News: Explainer: गाजियाबाद में हिंडन नदी पर क्यों बन रहा है बांध? 185 करोड़ के फ्लड प्रोटेक्शन प्रोजेक्ट का जानें असली मकसद – INA

Ghaziabad Hindon River: गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एयरोसिटी और हरनांदीपुरम जैसी बड़ी परियोजनाएं आकार ले रही हैं. इन परियोजनाओं को भविष्य में हिंडन नदी की बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने 185 करोड़ रुपये की लागत से बांध बनाने की योजना तैयार की है. आइए जानते हैं इस परियोजना से जुड़े अहम सवालों के जवाब.
जीडीए हिंडन नदी के किनारे एक मजबूत सुरक्षा बांध (Flood Protection Embankment) बनाएगा. इसके साथ ही करीब 7.5 किलोमीटर लंबी छह लेन सड़क भी विकसित की जाएगी. यह परियोजना बाढ़ से सुरक्षा देने के साथ-साथ शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगी.
किन परियोजनाओं को मिलेगा फायदा?
इस बांध का सबसे बड़ा लाभ राजनगर एक्सटेंशन में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को मिलेगा. इसके अलावा प्रस्तावित हरनांदीपुरम टाउनशिप, एयरोसिटी और आसपास विकसित होने वाले अन्य बड़े प्रोजेक्ट भी बाढ़ के खतरे से सुरक्षित रहेंगे.
बांध बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?
राजनगर एक्सटेंशन का बड़ा हिस्सा हिंडन नदी के किनारे स्थित है. मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर यहां जलभराव और बाढ़ का खतरा बना रहता है. वर्ष 2023 की भीषण बाढ़ के बाद यह महसूस किया गया कि भविष्य में बड़े निवेश और महत्वपूर्ण परियोजनाओं को सुरक्षित रखने के लिए स्थायी समाधान जरूरी है. इसी वजह से जीडीए ने सुरक्षा बांध बनाने का फैसला लिया.
क्या सिर्फ बांध बनेगा या सड़क भी?
यह परियोजना केवल बाढ़ सुरक्षा तक सीमित नहीं है. बांध के साथ छह लेन सड़क भी बनाई जाएगी. प्रस्तावित सड़क सिटी फॉरेस्ट के डी-पॉइंट से शुरू होकर टीला मोड़, फरुखनगर रोड होते हुए पाइपलाइन रोड तक जाएगी.
इस सड़क के बनने से राजनगर एक्सटेंशन, नंदग्राम, नूर नगर और आसपास के इलाकों को नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा. इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों का सफर आसान होगा.
इस परियोजना पर कितना खर्च आएगा?
फिलहाल परियोजना की अनुमानित लागत 185 करोड़ रुपये रखी गई है. इसमें मिट्टी का बांध, नदी किनारों की पिचिंग, बाढ़ सुरक्षा कार्य और सड़क निर्माण शामिल हैं. हालांकि इसमें भूमि अधिग्रहण की लागत शामिल नहीं है. यदि जमीन अधिग्रहण का खर्च जोड़ा गया तो परियोजना की कुल लागत 200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.
अभी परियोजना किस चरण में है?
जीडीए ने परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिए सिंचाई विभाग को दो करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. डीपीआर तैयार होने के बाद इसे शासन से वित्तीय और सैद्धांतिक मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.
परियोजना को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए इसकी डिजाइन और हाइड्रालिक मॉडल स्टडी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) से कराई जाएगी. उद्देश्य यह है कि बांध भविष्य में आने वाली भीषण बाढ़ और भूकंप जैसी परिस्थितियों का भी सामना कर सके.
2023 की बाढ़ बनी बांध बनाने की वजह
जुलाई 2023 में हिंडन नदी में आई बाढ़ ने पिछले 45 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. करहेड़ा, नूर नगर, अटौर-नगला, सिटी फॉरेस्ट समेत कई इलाकों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया था. हालात इतने गंभीर थे कि एनडीआरएफ को बचाव कार्य के लिए तैनात करना पड़ा और एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.
आगे क्या होगा?
डीपीआर तैयार होने और शासन से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. यदि योजना तय समय पर पूरी होती है, तो यह गाजियाबाद के सबसे बड़े बाढ़ सुरक्षा और शहरी बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं में से एक होगी. इससे न केवल बड़े निवेश वाले प्रोजेक्ट सुरक्षित होंगे, बल्कि हजारों स्थानीय लोगों को भी बेहतर सड़क और बाढ़ सुरक्षा का लाभ मिलेगा.
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Explainer: गाजियाबाद में हिंडन नदी पर क्यों बन रहा है बांध? 185 करोड़ के फ्लड प्रोटेक्शन प्रोजेक्ट का जानें असली मकसद
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