UP News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: जांच की आंच में नए किरदार… फाइनल रिपोर्ट सौंपने में क्यों देरी कर रही SIT? – INA

अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रही है. जांच के दौरान कई बड़े खुलासे हुए, कई तरह की गड़बड़ियां सामने आईं. SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही वो अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है. जिसके बाद कई बड़े लोग जांच के दायरे में आ सकते हैं. जांच टीम फाइनल रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में जुटी है. रिपोर्ट सौंपने से पहले सभी निष्कर्षों की दोबारा समीक्षा की जा रही है. सभी को SIT की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है.
SIT ने जांच के दौरान मंदिर के वित्तीय रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, सुरक्षा प्रोटोकॉल, बैंकिंग प्रक्रिया और संबंधित लोगों के बयान का विस्तृत परीक्षण किया गया है. रिपोर्ट में केवल गिरफ्तार संविदा पर नियुक्त नकदी गिनने वाले कर्मचारियों की भूमिका ही नहीं, बल्कि चढ़ावा प्रबंधन की निगरानी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही पर भी निष्कर्ष हैं जो जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.
हर पहलू की बारीकी से जांच
शुरुआत में जांच केवल चढ़ावे की कथित चोरी तक सीमित थी, लेकिन अब यह दान प्राप्त करने, गिनती, सुरक्षित रखने और बैंक में जमा करने की पूरी व्यवस्था की व्यापक जांच में बदल चुकी है. SIT की रिपोर्ट इन तमाम बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए तैयार हुई है, जिसमें हर पहलुओं का जिक्र किया गया है.
प्रारंभिक रिपोर्ट में क्या था
पिछले महीने 23 जून को SIT ने सरकार को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी. प्रारंभिक रिपोर्ट में कथित तौर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा तय सुरक्षा मानकों के बार-बार उल्लंघन की बात सामने आई थी. जांच की फाइनल रिपोर्ट में जिम्मेदार किरदारों का भी जिक्र है और उनकी भूमिका भी उल्लेखनीय बताई गई है.
वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं
प्रारंभिक रिपोर्ट में CCTV फुटेज, बरामदगी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर 6 संविदा नकदी गिनने वाले कर्मचारियों और 2 पर्यवेक्षी कर्मियों की प्रथम दृष्टया संलिप्तता का उल्लेख किया गया था. रिपोर्ट में वरिष्ठ पर्यवेक्षक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं की गई थी, लेकिन अंतिम रिपोर्ट में इस पहलू पर भी स्पष्ट निष्कर्ष होने की बात है.
जांच की आंच में नए किरदार
SIT की फाइनल रिपोर्ट के बाद पुलिस इन्वेस्टीगेशन का दायरा और बढ़ेगा, जिसके बाद कई नए किरदार इस जांच की आंच में आएंगे. SIT की फाइनल रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि महज असावधानी या अनुपस्थिति, जिम्मेदारियों से मुक्त होने का बहाना नहीं हो सकते. SIT की फाइनल रिपोर्ट में राम मंदिर ट्रस्ट की फंक्शनिंग में व्यापक लापरवाही का भी जिक्र है.
अनुकल्प मिश्रा और टिन्नू यादव का जिक्र
जांच के दौरान कई स्तर पर भ्रष्टाचार या गड़बड़ी के संकेत मिले हैं. जांच में सामने आया है कि जानकारी मिलने के बावजूद जिम्मेदार लोग इससे अनजान बने रहे. SIT की फाइनल रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र हो सकता है कि इस कथित चोरी में शामिल कर्मचारी ट्रस्ट में बैठे वरिष्ठ लोगों के करीबी थे जिसमें अनुकल्प मिश्रा और टिन्नू यादव का नाम खासतौर पर शामिल है. SIT की फाइनल रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर देखे जा रहे अनुकल्प मिश्रा और टिन्नू यादव से ट्रस्ट के पदाधिकारियों और सदस्यों की घनिष्ठता का भा जिक्र है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: जांच की आंच में नए किरदार… फाइनल रिपोर्ट सौंपने में क्यों देरी कर रही SIT?
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