आगरा के भावना एस्टेट रोड पर इस बार जनकपुरी का आयोजन किया जाएगा। ऐसे में बाबरपुर का नाम बदलकर जनकपुरी करने का प्रस्ताव नगर निगम सदन में रखा जाना है, लेकिन नगर निगम कार्यकारिणी ही अधूरी है। डेढ़ माह पहले कार्यकारिणी के छह सदस्यों की विदाई हो चुकी है। एक जून तक नए सदस्यों का निर्वाचन होना था, लेकिन अब तक नए सदस्य नहीं चुने जा सके। कार्यकारिणी के बाद नगर निगम सदन में बाबरपुर का नाम जनकपुरी करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होना है, ऐसे में उससे पहले ही सदन में प्रस्ताव पेश करना होगा।
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भाजपा पार्षद रवि माथुर ने बताया कि 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र होना है। इस दौरान नगर निगम सदन नहीं किया जा सकता। कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव में सांसद और विधायक भी मतदान करते हैं। ऐसे में 20 जुलाई से पहले सदन में कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव जरूरी है। सदन में पारित होने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। तब नाम बदला जा सकेगा। सितंबर में जनकपुरी का आयोजन है।
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विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने बताया कि जल्द ही सदन बुलाकर जनकपुरी का प्रस्ताव रखवाया जाएगा ताकि आयोजन से पहले नाम बदला जा सके। वहीं, बसपा पार्षद दल नेता कप्तान सिंह के मुताबिक अभी तक केवल 5 सदन ही हुए हैं, जबकि 19 हो जाने चाहिए थे। इसी तरह 18 कार्यकारिणी बैठक हुई हैं, जबकि 37 होनी चाहिए थी। पार्षद अपने प्रस्ताव और पीड़ा कहां रखें। उन्होंने मेयर हेमलता दिवाकर से जल्द सदन बुलाकर कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव कराने की मांग की है।
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