NEET में सफल होने वालों में करीब आधे OBC:हर दूसरा सफल छात्र इसी वर्ग से; SC परीक्षार्थी 63% और EWS 76% बढ़े- INA NEWS

NEET 2026 के नतीजों में मेडिकल शिक्षा के सामाजिक-शैक्षणिक रुझानों में बड़ा बदलाव दिखा है। इस साल परीक्षा देने वालों में OBC सबसे बड़ा वर्ग रहा। कुल रजिस्ट्रेशन में OBC की हिस्सेदारी 41.8% थी, जबकि क्वालिफाई करने वालों में यह बढ़कर 45.7% हो गई। यानी लगभग हर दूसरा सफल छात्र OBC वर्ग से है। वहीं, सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी रजिस्ट्रेशन में 29.2% थी, जो सफल छात्रों में घटकर 26% रह गई। SC की हिस्सेदारी रजिस्ट्रेशन में 15.2% और सफल छात्रों में 14.2% रही। EWS का रजिस्ट्रेशन 7.3% था, लेकिन क्वालिफाई करने वालों में यह बढ़कर 8.5% हो गया। ST की हिस्सेदारी रजिस्ट्रेशन में 6.6% और सफल छात्रों में 5.7% रही। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 16 जुलाई की देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी किया था। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। 2020 और 2021 के बाद पहली बार कोई भी छात्र 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर पाया। 7 साल में EWS सबसे तेज बढ़े, SC दूसरे नंबर पर 2019 से 2026 के बीच सभी वर्गों के परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ी है। सबसे तेज बढ़ोतरी EWS वर्ग में 76.30% दर्ज की गई। इसके बाद SC वर्ग के परीक्षार्थी 63.52%, ST के 56.93%, OBC के 40.54% और सामान्य वर्ग के 24.52% बढ़े। विशेषज्ञों के मुताबिक, EWS आरक्षण लागू होने के बाद इस वर्ग की भागीदारी में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है। छोटे राज्यों का प्रदर्शन बेहतर, राजस्थान अपवाद क्वालिफाइंग प्रतिशत के मामले में छोटे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का प्रदर्शन बेहतर रहा। चंडीगढ़ में 2,622 में से 70.14% छात्र सफल हुए। इसके बाद मिजोरम (62.47%), मणिपुर (60.93%), नगालैंड (59.17%) और हिमाचल प्रदेश (57.30%) रहे। बड़े राज्यों में उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 3.28 लाख छात्रों ने परीक्षा दी, जिनमें 51.93% सफल हुए। महाराष्ट्र में 53.36%, बिहार में 49.24% छात्र क्वालिफाई हुए। राजस्थान बड़े राज्यों में अपवाद रहा, जहां 1.92 लाख परीक्षार्थियों में से 69.34% सफल रहे। टॉप-138 में 109 लड़के, 29 लड़कियां ऑल इंडिया रैंक के टॉप-138 में 109 लड़के और 29 लड़कियां शामिल हैं। इनमें राजस्थान के सबसे ज्यादा 19, महाराष्ट्र के 18, तमिलनाडु के 12, दिल्ली के 11, पंजाब के 10, उत्तर प्रदेश और गुजरात के 9-9, जबकि हरियाणा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के 8-8 छात्र हैं। पेपर लीक के कारण दोबारा हुई थी NEET परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के कारण 3 मई को हुई NEET-UG 2026 की परीक्षा रद्द हो गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई। देश और विदेश के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई थी। NTA ने इस साल परीक्षा के मूल्यांकन प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया था। पहली बार मूल्यांकन के सभी चरण एक के बाद एक के बजाय समानांतर तरीके से पूरे किए। इससे तय समय पर रिजल्ट जारी किया जा सका। वहीं, पहली बार OMR शीट चैलेंज की प्रक्रिया को आंसर-की जारी करने की प्रक्रिया से अलग रखा गया। NEET UG 2026: परीक्षा से रिजल्ट तक पूरी टाइमलाइन 2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें। —————————— यह खबर भी पढ़ें… NEET री-एग्जाम, 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री, गेट पर रोती रहीं छात्राएं; हिजाब-कलावा पर विवाद देश के 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने 21 जून को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। कई सेंटर्स पर एक-दो मिनट देर से पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं दी गई। इसके चलते कई स्टूडेंट्स का एग्जाम छूट गया। राजस्थान के अजमेर और गुजरात के अहमदाबाद में हिजाब पहन कर पहुंची छात्राओं को पहले एंट्री देने से मना कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
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