Technology, मूनशॉट एआई से US तक हलचल: अब तक का सबसे बड़ा ओपन-सोर्स टूल कोडिंग में नंबर-1; AI पर जिनपिंग-ट्रंप की सोच क्या? — INA

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर अमेरिका-चीन की जंग चीनी स्टार्ट-अप मूनशॉट एआई के नया किमी एआई मॉडल जारी करने के साथ तेज हो गई। यह मॉडल दुनिया का सबसे बड़ा ओपन-सोर्स मॉडल है और मुफ्त-सुलभ डाउनलोडेबल है। यह कोडिंग में नंबर-1 व डीप थिंकिंग के साथ बहुत कम लागत वाला है। किमी के-3 के ओपनएआई व एंथ्रोपिक जैसे मॉडलों के समतुल्य होने से अमेरिका हिल गया है।
मूनशॉट का दावा है कि उसका यह नया मॉडल दुनिया का सबसे बड़ा ओपन-सोर्स एआई सिस्टम है। यह लॉन्चिंग ठीक उसी समय हुई जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वैश्विक एआई विकास पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने चीन को इस तकनीक के ओपन-सोर्स दृष्टिकोण (खुले दृष्टिकोण) के अग्रदूत के रूप में पेश किया। शी ने कहा, एआई का विकास किसी एक देश का एकल प्रदर्शन नहीं, बल्कि वैश्विक सहयोग की एक सामूहिक जुगलबंदी होना चाहिए। ट्रंप भी एआई में अमेरिकी बढ़त को रणनीतिक अनिवार्यता मानते हैं। एजेंसी
चीनी मॉडलों का बढ़ता दबदबा
पिछले 18 महीनों में, चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने लगातार ऐसे ओपन-सोर्स एआई मॉडल पेश किए हैं जो कम कंप्यूटिंग संसाधनों की मांग के बावजूद अपने अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों के प्रदर्शन के बेहद करीब पहुंच जाते हैं। शानदार प्रदर्शन और कम लागत के इसी तालमेल के कारण दुनिया भर के डेवलपर्स के बीच चीनी एआई सिस्टम पहली पसंद बनते जा रहे हैं। मूनशॉट की इस ताजा पेशकश ने चीन की इस मुहिम को और रफ्तार दे दी है।
मेटा का बड़ा दाव : एंथ्रोपिक को 10 अरब डॉलर का कम्प्यूटिंग पावर
मेटा प्लेटफॉर्म एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक को कंप्यूटिंग पावर देने के लिए बड़ी बातचीत कर रहा है। यह डील करीब 10 अरब डॉलर की हो सकती है और दो साल तक चल सकती है। इस कदम से मेटा अपने . व्यवसाय से परे, अपने भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से नया रेवेन्यू स्ट्रीम बनाने का प्रयास कर रहा है। मेटा मंचों द्वारा एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक को अपनी कंप्यूटिंग क्षमता का एक बड़ा हिस्सा लीज पर देने की चर्चा है।
इससे सोशल मीडिया बड़ा बदलाव लाएगा, क्योंकि कंपनी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए गए भारी पूंजीगत खर्च को मोनेटाइज करने के प्रयास में जुटी है, ताकि वह अपने मुख्य . व्यवसाय पर निर्भरता कम कर सके। कंपनी किसी भी सूरत में मुख्य . व्यवसाय पर अपनी निर्भरता इसलिए भी कम करना चाहती है क्योंकि कई देशों में इसे लेकर उसे मुकदमेबाजी करनी पड़ रही है।