खबर शहर , UP: TTZ में रफ्तार पकड़ेगा कारोबार, सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से बड़ी राहत; उद्यमियों ने बांटी मिठाई – INA

ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में उद्योग लगाने का इंतजार कर रहे उद्यमियों को सुप्रीम कोर्ट से संजीवनी मिल गई है। अब पर्यावरण अनुकूल और गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को मंजूरी के लिए कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से आगरा सहित टीटीजेड के छह जिलों में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। फैसला आने के बाद बृहस्पतिवार को नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स ने मिठाई बांटकर खुशी जताई।

नेशनल चैंबर अध्यक्ष मनोज बंसल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि टीटीजेड के लिए असेसमेंट स्टडी और विजन डॉक्यूमेंट में देरी के चलते औद्योगिक आवेदनों को अनिश्चितकाल तक नहीं रोका जा सकता। फैसले के बाद जीवनी मंडी स्थित नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के सभागार में उत्सव का माहौल रहा। उद्यमियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। चैंबर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट से जारी 400 आवेदनों की सूची में चैंबर द्वारा भेजी गई सूची भी शामिल है। यह फैसला आगरा से प्रतिभा पलायन रोकने में बेहद कारगर सिद्ध होगा।

पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से उन एमएसएमई इकाइयों के लिए संजीवनी है, जो विद्युत या प्राकृतिक गैस आधारित उद्योग स्थापित करना या उनका विस्तार करना चाहते हैं। पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने इसे पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच का एक संतुलित कदम बताया। इस मौके पर उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष अनिल वर्मा समेत तमाम उद्यमी एवं व्यापारी मौजूद रहे।

फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज को फायदा

चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा फायदा होगा। यह गैर प्रदूषणकारी उद्योग है। लंबे समय से रोक के कारण उद्योग-धंधे प्रभावित थे। निवेशकों का अब टीटीजेड में रुझान बढ़ेगा।

स्वागत योग्य फैसला

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के  प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सोबती ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय का आदेश स्वागत योग्य है। इससे आगरा सहित संपूर्ण टीटीजेड क्षेत्र में विद्युत संयोजनों का रास्ता साफ हो गया है। फिलहाल एमएसएमई उद्योगों को यह छूट मिली है। हम आशा करते हैं कि जल्द ही सभी औद्योगिक इकाइयों को भी यह छूट प्राप्त होगी। 

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के बीच बनाया संतुलन

वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. केसी जैन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए टीटीजेड प्राधिकरण को करीब 410 लंबित औद्योगिक आवेदनों पर निर्णय लेने की अनुमति दे दी है। इससे क्षेत्र में निवेश और विकास को नई गति मिलेगी। हालांकि, यह एक अस्थायी व्यवस्था है। अभी टीटीजेड का विजन प्लान, गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों की परिभाषा और फिरोजाबाद के उद्योगों का पर्यावरणीय आकलन लंबित है। यह आदेश पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के बीच बेहतरीन संतुलन सुनिश्चित करता है। 

 


Credit By Amar Ujala

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