UP News: कांवड़ यात्रा: दिल्ली-UP और MP में मीट की दुकानों पर लगा बैन, जानिए कहां-कहां लागू हुए नए नियम – INA

Sawan 2026: सावन महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान देशभर में लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए यात्रा करते हैं. इसी को देखते हुए कई राज्यों और शहरों के प्रशासन ने कांवड़ यात्रा मार्गों, शिव मंदिरों और कांवड़ शिविरों के आसपास मांस, मछली और अंडे की दुकानों पर अस्थायी रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं. प्रशासन का कहना है कि यह फैसला श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और यात्रा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है.

दिल्ली में कांवड़ शिविरों के आसपास होगी सख्ती

दिल्ली नगर निगम ने अपने सभी 12 जोनों में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा मार्गों और शिविरों के आसपास चल रही अवैध मांस की दुकानों को तुरंत बंद कराया जाए. राजधानी में 300 से अधिक कांवड़ शिविर लगाए जाते हैं. ऐसे में शिविरों के मुख्य मार्गों पर नियमों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंसधारी दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध दुकानों को किसी भी हालत में संचालित नहीं होने दिया जाएगा.

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उत्तर प्रदेश के कई शहरों में लागू हुई पाबंदी

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए विशेष आदेश जारी किए गए हैं…

  • हापुड़: यहां कांवड़ मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में मीट, मछली और अंडे की दुकानें 30 जुलाई से 28 अगस्त तक बंद रहेंगी.
  • वाराणसी: प्रमुख कांवड़ मार्गों पर अवैध मांस और मछली की दुकानें बंद रहेंगी. साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों से मीट की दुकानों को शहर से बाहर निर्धारित बाजारों में स्थानांतरित कर दिया गया है.
  • गाजियाबाद: लोनी क्षेत्र और हिंडन एयरपोर्ट के आसपास कांवड़ मार्गों पर मांस की दुकानें, मांसाहारी होटल, कट्टीघर और बूचड़खाने बंद रहेंगे.
  • प्रयागराज: सावन के दौरान सभी प्रमुख कांवड़ मार्गों और शिव मंदिरों के आसपास मांस और मीट की दुकानें बंद रहेंगी. प्रयागराज-जौनपुर मार्ग पर मांस और शराब की बिक्री पर भी रोक रहेगी.

यूपी के इन जिलों में प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए विशेष टीमें लगातार निगरानी और गश्त कर रही हैं.

मध्य प्रदेश में क्या नियम लागू?

मध्य प्रदेश में पूरे राज्य में मांस बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन धार्मिक स्थलों और कांवड़ यात्रा मार्गों के आसपास विशेष नियम लागू किए गए हैं.

  • उज्जैन: महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए नगर निगम सीमा के भीतर मांस, मटन और मछली की दुकानों पर रोक रहेगी.
  • कांवड़ यात्रा मार्ग: एमपी में जिन रास्तों से कांवड़िए गुजरते हैं, वहां मांस और मछली की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी.
  • धार्मिक स्थल: बड़े शिव मंदिरों और धार्मिक परिसरों के 200 से 500 मीटर के दायरे में मांस की दुकानें संचालित करने की अनुमति नहीं होगी.
  • भोपाल और इंदौर: इन शहरों में दुकानें पूरी तरह बंद नहीं रहेंगी, लेकिन खुले में मांस प्रदर्शित करने या बेचने पर रोक रहेगी. दुकानदारों को शीशे या परदे के पीछे से ही बिक्री करनी होगी.

उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई

मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार, प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा दुकान सील करने और कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है. उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

क्या हैं मुख्य निर्देश?

  • कांवड़ यात्रा मार्गों के आसपास मांस, मछली और अंडे की दुकानों पर अस्थायी रोक.
  • अवैध दुकानों के खिलाफ विशेष अभियान.
  • प्रमुख शिव मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष प्रतिबंध.
  • कई शहरों में खुले में मांस बेचने या प्रदर्शित करने पर रोक.
  • नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना, दुकान सील करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी.

सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान लागू ये व्यवस्थाएं अलग-अलग राज्यों और स्थानीय प्रशासन के आदेशों के अनुसार लागू की जा रही हैं. प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनाना है.

कांवड़ यात्रा: दिल्ली-UP और MP में मीट की दुकानों पर लगा बैन, जानिए कहां-कहां लागू हुए नए नियम


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