खबर शहर , Agra News: कुत्ते के काटने के बाद बालक की मौत, परिवार में मातम – INA

पिनाहट। थाना बसई अरेला क्षेत्र के नगला भरी के उपगांव खजुरियनपुरा में कुत्ते के काटने के करीब एक माह बाद 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई। बेटे की मौत से परिवार में मातम पसर गया। परिजन की रो-रोकर हालत खराब है।
खजुरियनपुरा निवासी वंश (10) पुत्र मुकेश को करीब एक माह पहले कुत्ते ने काट लिया था। घरवालों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। इसके कारण बच्चे को रैबीज रोधी टीका नहीं लग सका था। इधर, तीन दिन से पानी पीते समय बालक की गर्दन में दर्द होने लगा। इसके बाद परिजन को कुत्ते के काटने की जानकारी हुई। बुधवार को
मां मंजू देवी बेटे को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिनाहट लेकर पहुंचे और डॉक्टरों को पूरी जानकारी दी। हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे आगरा के लिए रेफर कर दिया गया। तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजन उसे दिल्ली ले गए, जहां उपचार के बाद उसे वापस भेज दिया गया। इधर, बृहस्पतिवार की देर शाम बालक की मौत हो गई।
सीएचसी पिनाहट के प्रभारी डॉ. प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि कुत्ते के काटने के बाद बालक के रैबीज रोधी टीके की डोज नहीं लग सकी थी। उन्होंने लोगों से कुत्ते के काटने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेकर रैबीज रोधी टीका लगवाने की अपील की है।
कुत्ते के काटने पर ये बरतें सावधानियां
– कुत्ते के काटने के तुरंत बाद घाव को कम से कम 15 मिनट तक साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह से सफाई करें।
– यदि घाव से खून बह रहा हो, तो साफ कपड़े या पट्टी से हल्का दबाव डालकर खून को रोकने का प्रयास करें।
– सफाई के बाद, घाव को एक स्टरलाइज पट्टी या साफ कपड़े से ढक दें। यह संक्रमण को रोकने में मदद करेगा।
– डॉक्टर से सलाह लेकर एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगवाएं।
क्या न करें:
– कुत्ते के काटने के बाद कुछ लोग पारंपरिक या गलत घरेलू उपचारों का सहारा लेते हैं, जो स्थिति को और खराब कर सकते हैं।
– पिसी मिर्ची, मिट्टी का तेल, चूना या एसिड का प्रयोग न करें।
– यदि घाव से अधिक रक्तस्राव हो रहा हो, तो पट्टी बांधें, लेकिन घाव पर टांका लगाने से बचें।