यूपी – UP: कुंवारे लड़के और उनका परिवार, NCR तक लड़कियों की सप्लाई; दूसरी बार की कॉल ने खोल दी ‘चाची’ की पूरी कहानी – INA

अलीगढ़ में एक बेसहारा नाबालिग की बहादुरी और सूझबूझ ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह के काले कारनामों का पर्दाफाश कर दिया। टप्पल के मौर गांव से डायल 112 पर आई एक मार्मिक पुकार ने पुलिस को सक्रिय किया और इस घटना ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया जो आर्थिक रूप से कमजोर बच्चियों को बेहतर भविष्य का सब्जबाग दिखाकर उन्हें खरीद-फरोख्त के दलदल में धकेल रहा था। इस साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस ने महिला सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और तीन नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित मुक्त कराया है।
बेहतर भविष्य का झांसा, देह व्यापार का जाल
पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह छत्तीसगढ़, झारखंड और राजस्थान जैसे राज्यों से आर्थिक रूप से कमजोर और बेसहारा बच्चियों को निशाना बनाता था। इन मासूमों को पढ़ाई-लिखाई और उज्ज्वल भविष्य का झूठा सपना दिखाकर अलीगढ़ लाया जाता था। इसके बाद, उनकी खरीद-फरोख्त 70 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की जाती थी। यह सौदा उन लोगों से होता था जिनकी शादी नहीं हो पा रही थी। पुलिस को इस बात की भी आशंका है कि इन बच्चियों को दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाकों में घरेलू काम में भी लगाया जाता था।
जबरन शादी, मारपीट और मोबाइल से मदद की गुहार
मामले की शुरुआत तब हुई जब विनोद नामक व्यक्ति ने एक नाबालिग बच्ची की जबरन अपने बेटे से शादी करा दी। आरोप है कि घर में उस बच्ची को लगातार मारपीट और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। इस असहनीय पीड़ा से परेशान होकर, बच्ची ने एक मौका पाकर घर की बहू का मोबाइल उठाया और उसका पैटर्न लॉक खोल लिया। इसके बाद, उसने डायल 112 पर फोन करके अपनी लोकेशन बताई और बंधक बनाए जाने की मार्मिक गुहार लगाई।