खबर शहर , रक्षाबंधन पर बहनों का दर्द: मुफ्त सफर की सौगात तो मिली, लेकिन बसें नहीं; बेवर बस स्टैंड का देखें हाल – INA

मैनपुरी के बेवर में रक्षाबंधन पर बहनों को मुफ्त बस यात्रा का तोहफा तो मिला, लेकिन बसों की कमी और यात्रियों की बेतहाशा भीड़ ने यह सुविधा मुसीबत में बदल दी। बेवर बस स्टैंड पर रक्षाबंधन से एक दिन पहले और त्योहार के दिन बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और पुरुष बसों के इंतजार में घंटों खड़े रहे। दो से तीन घंटे इंतजार के बाद भी यात्रियों को बस में जगह नहीं मिल सकी। बस आते ही सीट पाने के लिए यात्रियों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
बस स्टैंड पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ जुटने लगी। जैसे ही कोई रोडवेज बस पहुंचती, उसमें चढ़ने के लिए यात्रियों की भीड़ टूट पड़ती। सीट पाने की होड़ में महिलाएं और बुजुर्ग भी धक्का-मुक्की के बीच बस में प्रवेश करने को मजबूर हुए। बच्चों के साथ सफर कर रहे यात्रियों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी।
त्योहार पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना बढ़ गई, लेकिन उसके अनुरूप बसों की उपलब्धता नहीं दिखाई दी। बस स्टैंड पर यात्रियों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई यात्री एक बस छूटने के बाद अगली बस के इंतजार में घंटों खड़े रहे। भीड़ अधिक होने के कारण कई यात्रियों को बस में चढ़ने का मौका तक नहीं मिला।
रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा से बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ गई। ऐसे में अतिरिक्त बसों की व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की जरूरत थी। लेकिन बेवर बस स्टैंड पर यात्रियों को अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को हुई।