आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद मरीजों की संख्या बढ़ गई है। 13 का पंजीकरण हो गया है, इसमें से पांच की चिकित्सकीय जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई है। सितंबर में एसजीपीजीआई, लखनऊ की टीम आएगी।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि 22 अगस्त को पहला किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। अब पंजीकृत लोगों का चरणबद्ध तरीके से ट्रांसप्लांट कराया जाएगा। पांच मरीज और किडनी दाता की चिकित्सकीय जांच कराई जा चुकी है। कानूनी रूप से अनुमति भी मिल गई है। सितंबर के पहले सप्ताह से मरीजों की केस हिस्ट्री पर एसजीपीजीआई चिकित्सकों के साथ चर्चा होगी। टीम दूसरे चरण में एक या दो मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट कर सकती है। इसके आधार पर ही मरीजों को आइसोलेट चैंबर में भर्ती किया जाएगा।
किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि शुरू के 20-25 ऑपरेशन एसजीपीजीआई टीम की निगरानी में होने हैं। इसके बाद एसएन के चिकित्सक ट्रांसप्लांट करने लगेंगे। उधर, किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले सिकंदराराऊ निवासी महेंद्र कुशवाहा की सेहत लगातार ठीक हो रही है। इनकी जांच भी सामान्य आने लगी हैं। यूरिन भी बनने लगा है। किडनी देने वाली इनकी पत्नी मीना कुशवाहा ने भी पति से मुलाकात कराई है। उन्होंने हालचाल जाना है। मरीज की हालत देख चिकित्सकीय टीम भी उत्साहित है।