यूपी – यूपी: ‘आंखों में आंसू और हाथों में फावड़ा’, बेटी को खोने का गम, घर को दुरुस्त कर रहे है पिता-पुत्र, पढ़ें मामला – INA

कानपुर में पुरवामीर गांव में दो दिन पहले घर के आंगन में 22 फीट गहरी जमीन में समाकर यशी (18) की दर्दनाक मौत हो गई थी। करीब सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन की खबर प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंची। नेताओं, अधिकारियों के आश्वासनों का दौर चला, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है।
शासन की उदासीनता का आलम यह है कि जिस भाई भास्कर ने एक दिन पहले ही अपनी लाडली बहन को खोया, जिस पिता विनोद ने अपनी बेटी को अपनी आंखों के सामने धरती में समाते देखा। वहीं, पिता-पुत्र आज दो दिन से पड़ोसी अजय पांडे के बरामदे में रात गुजारने के बाद खुद ही फावड़ा उठाकर अपना उजड़ा घर भरने को मजबूर हैं।