खबर शहर , Agra News: हाईवे पर शार्टकट के चक्कर में रोजाना दांव पर लग रहीं जिंदगियां – INA

आगरा। नेशनल हाईवे -19 पर रुनकता से लेकर गल्ला मंडी तक करीब 20 किमी के रास्ते पर रोजाना सैकड़ों राहगीर सड़क पार करने के लिए शॉर्टकट के चक्कर में जान जोखिम में डालते हैं। आए दिन होने वाले हादसों से भी सबक नहीं लिया जाता। रविवार को जिस जगह पर हादसे में मजदूर संजय की जान गई। सोमवार को उसी जगह पर महिलाएं और पुरुष रेलिंग पर चढ़कर डिवाइडर पार करते दिखे। उन्हें रोकने के लिए कोई पुलिसकर्मी भी मौजूद नहीं रहा।

रुनकता फ्लाईओवर से रामबाग नवीन गल्ला मंडी तक हाईवे पर राहगीरों ने जगह-जगह डिवाइडर पर लगी रेलिंग में लगी सरिया निकाली हुई हैं। इनके बीच से होकर डिवाइडर सड़क के दूसरी ओर निकलते हैं। अक्सर तेज रफ्तार वाहन अचानक सामने से निकलने वाले राहगीरों को देख नहीं पाते और वाहन पर नियंत्रण न होने से हादसे हो जाते हैं। पिछले पांच वर्षों में शॉर्टकट के कारण एक दर्जन से अधिक की जान जा चुकी हैं।

सिकंदरा कैलाश मोड़ के पास, आईएसबीटी, लायर्स कॉलोनी कट, कौशलपुर के पास, भगवान टॉकीज फ्लाईओवर के दोनों ओर की दोनों लेन, श्री टाॅकीज कट, अबुलउलाह दरगाह कट, सुल्तानगंज की पुलिया से वाटरवर्क्स तक करीब 10 स्थानों पर लोग रेलिंग फलांग कर या टूटी रेलिंग के बीच से निकलते हैं। इसके अलावा रामबाग फ्लाईओवर से गल्ला मंडी तक करीब 7 स्थानों पर लोग जान जोखिम में डालकर हाईवे पर सड़क पार करते हैं। एनएएचआई और पुलिस भी इन्हें नहीं रोकती है।

यह हाल तब है जब सड़क सुरक्षा समिति की ओर से ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने के निर्देश हैं। यातायात पुलिस भी चिह्नित ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए टीम बनाकर काम करने का दावा करती है। ब्लैक स्पॉट पर दोबारा हादसा नहीं हो, इसके लिए पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि यातायात पुलिस और संबंधित थानेदार को इस बारे में हिदायत दी गई है कि वे ऐसे लोगों को जागरूक कर उन्हें ऐसा करने से रोकें।


Credit By Amar Ujala

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