यूपी – स्वाइन फ्लू का खतरा: मधुमेह-सांस रोगी इन बातों का रखें ध्यान, ये लक्षण दिखते ही हो जाएं सावधान – INA

आगरा के दयालबाग में स्वाइन फ्लू पीड़ित मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मधुमेह, सांस, कैंसर और हृदय रोग के मरीजों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध मरीज मिलने पर नमूने लेकर जांच कराई जाएगी। निजी पैथोलॉजी और अस्पताल संचालकों को भी नोटिस देकर स्वाइन फ्लू के मरीज मिलने पर तत्काल जानकारी देने को कहा है।

प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित रावत ने बताया कि एसएन, जिला अस्पताल और सीएचसी प्रभारियों को कहा है कि ओपीडी में बुखार-खांसी के सभी मरीजाें की स्क्रीनिंग की जाए। साथ ही सांस, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी-लिवर जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों का तीन-चार दिन से बुखार ठीक नहीं हो रहा है तो नमूने एसएन की वायरोलॉजी लैब भेजे जाएं।

रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद तत्काल मरीज को उसके फोन नंबर पर सूचित करें। रैपिड रिस्पांस टीम को भी जानकारी दें। संचारी रोग अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं है। अस्पतालों में स्क्रीनिंग कराई जा रही है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की जांच के लिए ताजमहल-फतेहपुर सीकरी में व्यवस्था की है।

स्वाइन फ्लू की मरीज की हालत स्थिर

रैपिड रिस्पांस टीम के प्रभारी डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि दयालबाग में स्वाइन फ्लू की मरीज मिलने के बाद रैपिड रिस्पांस टीम संपर्क में है। पीड़ित वृद्धा की हालत स्थिर है। परिजन के कोई लक्षण नहीं है। मरीज को पांच दिन की दवा दी गई है। संदिग्ध मरीज मिलने पर कंट्रोल रूम नंबर 9458569043 और 0562-260412 पर सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक जानकारी दे सकते हैं।

ये हैं लक्षण:

– तेज बुखार, खांसी-जुकाम, गले में खराश, ठंड लगना।

– शरीर, मांसपेशियों और सिर में तेज दर्द होना।

– कमजोरी और अत्यधिक थकान महसूस करना।

– सांस लेने में परेशानी होना, सीने में दर्द होना।

इन बातों का रखें ध्यान:

– वायरल फीवर होने पर आराम करें। सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।

– खांसते-छींकते समय मुंह पर रुमाल रखें। हाथों को बार-बार साफ करें।

– मास्क लगाएं। दूषित हाथों से आंख, मुंह और नाक न छुएं।

 


Credit By Amar Ujala

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