आगरा दीवानी में जिला जेल से पेशी पर लाए गए थाना सिकंदरा के हिस्ट्रीशीटर जिम्मी चौधरी की माैत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी पता नहीं चल सका। अगली जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
थाना ताजगंज क्षेत्र की महिला अधिवक्ता के भाई को गोली मारने के मामले में आवास विकास काॅलोनी के सेक्टर 15 निवासी जिम्मी चाैधरी को भी पुलिस ने शामिल बताया था। उसने सुपारी लेकर हमला किया था। वह जेल में निरुद्ध था। उसे मंगलवार को पुलिस जेल से पेशी पर लेकर आई थी। जिम्मी चाैधरी थाना सिकंदरा का हिस्ट्रीशीटर था। मंगलवार सुबह दीवानी परिसर की हवालात में तबीयत खराब हुई और एसएन पहुंचने से पहले मौत हो गई।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट में मृत्यु का कारण पता नहीं चला। सही वजह जानने के लिए अब विसरा की जांच कराई जाएगी। परिजन ने फिलहाल किसी तरह का आरोप नहीं लगाया है।