UP News: विनोद साहनी हत्या: सोशल मीडिया पोस्ट के विवाद से लेकर मौत तक… गरमाई सियासत – INA

गोंडा में निषाद समाज के नेता और सोशल एक्टिविस्ट विनोद साहनी की हत्या के बाद सियासत गरमा गई है. बुधवार देर रात दुकान बंद करके घर लौट रहे विनोद साहनी पर हमला हुआ. गंभीर हालत में उन्हें गोंडा से लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन गुरुवार दोपहर KGMU में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. हत्या के बाद निषाद समाज में आक्रोश है. यूपी सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद खुद KGMU पहुंचे और धरने पर बैठ गए.
बिहार के पूर्व मंत्री और VIP पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी भी धरने में शामिल हुए. सपा विधायक भी प्रदर्शन में पहुंचे. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है. लापरवाही के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है. लेकिन इस पूरी कहानी में कई सवाल हैं कि आखिर विनोद साहनी की हत्या कैसे हुई? हत्या से पहले सोशल मीडिया पर ऐसा क्या विवाद था? पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की?
कैसे हुई विनोद साहनी की हत्या?
गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र में रेक्सडिया गांव है. यहीं के रहने वाले थे करीब 45 साल के विनोद कुमार साहनी बर्तन का कारोबार करते थे और निषाद समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहते थे. बुधवार रात विनोद अपनी दुकान बंद करके बाइक से घर लौट रहे थे. आरोप है कि रास्ते में मुख्य आरोपी शुभम सिंह उर्फ गोलू ने अपनी गाड़ी उनकी बाइक के सामने लगा दी. इसके बाद सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सवाल-जवाब शुरू हुआ.
घायल विनोद ने खुद दी परिवार को सूचना
कहासुनी हुई… गाली-गलौज हुई… और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया. आरोप है कि शुभम सिंह ने सुभाष सिंह, आकाश सिंह और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर विनोद पर हमला कर दिया. हमले में धारदार हथियारों के इस्तेमाल का भी आरोप है. विनोद गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़े रहे. आरोपी मौके से फरार हो गए. हमले के बाद विनोद ने किसी तरह अपने परिजनों को फोन किया और घटना की जानकारी दी. परिजन उन्हें लेकर थाने पहुंचे.
KGMU में मौत के बाद बवाल
लिखित तहरीर दी गई. इसके बाद विनोद को परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. हालत गंभीर थी. डॉक्टरों ने पहले गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया और फिर वहां से लखनऊ भेज दिया गया. KGMU में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे विनोद साहनी की मौत हो गई और इसके साथ ही मामला सिर्फ हत्या का नहीं रहा. निषाद समाज में गुस्सा और सियासी हलचल दोनों तेज हो गए.
मौत से पहले का वीडियो भी सामने आया
विनोद साहनी की मौत से ठीक पहले का एक वीडियो भी सामने आया है. वीडियो अस्पताल ले जाते समय का बताया जा रहा है. गंभीर हालत में विनोद गाड़ी में लेटे दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद घटना की भयावहता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई. वहीं हत्या से कुछ घंटे पहले विनोद ने सोशल मीडिया पर एक रील भी पोस्ट की थी. रील में साध्वी निरंजन ज्योति और राजू दास की तस्वीरों के साथ एक संदेश दिया गया था, जिसमें निषाद समाज से जुड़ा संदेश था.
पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कुछ लोगों में नाराजगी थी और इसी वजह से विनोद की कुछ लोगों से रंजिश चल रही थी. हालांकि हत्या की पूरी वजह और सभी आरोपियों की भूमिका की जांच पुलिस कर रही है।
कौन थे विनोद साहनी?
विनोद साहनी सिर्फ बर्तन कारोबारी नहीं थे. वह निषाद समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहते थे. उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर 96 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं. यानी गोंडा और आसपास के इलाके में उनकी डिजिटल मौजूदगी काफी मजबूत थी. वह खुद को सोशल एक्टिविस्ट बताते थे और उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ तस्वीरें भी मौजूद हैं.
कई सियासी दलों से जुड़े रहे
विनोद साहनी की राजनीतिक सक्रियता भी लगातार बदलती रही. विनोद साहनी की अखिलेश यादव के साथ तस्वीर है, निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद के साथ तस्वीर है और VIP पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी के साथ भी तस्वीर है. सबसे हाल की तस्वीरों में से एक मुकेश सहनी के साथ बताई जा रही है, जिसमें विनोद गोंडा में VIP पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद दिखाई देते हैं. बताया जा रहा है कि वह करनैलगंज विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे.
विनोद साहनी समाजवादी पार्टी में रहे… आजाद समाज पार्टी से भी जुड़े और निषाद समाज पार्टी में भी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं. अभी वह मुकेश साहनी की VIP का हिस्सा थे. इसके लिए अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे थे. निषाद समाज में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी और वह समाज से जुड़े मुद्दों को सोशल मीडिया पर लगातार उठाते थे. यही वजह है कि उनकी हत्या के बाद मामला सियासी मुद्दा भी बन गया है.
हत्या के बाद KGMU में धरना
गुरुवार दोपहर जैसे ही विनोद साहनी की मौत की खबर सामने आई. लखनऊ के KGMU में राजनीतिक हलचल शुरू हो गई. यूपी सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद KGMU पहुंचे और धरने पर बैठ गए. उनकी मांग थी कि हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो. संजय निषाद ने यहां तक कहा कि पुलिस हत्यारों को पकड़े या एनकाउंटर करे. धरने में बिहार के पूर्व मंत्री और VIP पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी भी पहुंचे. सपा विधायक भी प्रदर्शन में शामिल हुए.
संजय निषाद ने पुलिस पर उठाए सवाल
मंत्री संजय निषाद आज गोंडा पहुंचे हैं. जहां उन्होंने एसपी और डीएम से भी सवाल किए. उनका सीधा सवाल था कि हत्या भी हो गई और इतनी पुलिस किस लिए? संजय निषाद का आरोप है कि अगर इतनी पुलिस व्यवस्था के बावजूद हत्या हो गई तो पुलिस की मौजूदगी का क्या फायदा? उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की है. विनोद की हत्या के बाद निषाद समाज में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया.
तीन आरोपी गिरफ्तार
गोंडा पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मुख्य आरोपी के तौर पर शुभम सिंह उर्फ गोलू का नाम सामने आया है. इसके अलावा सुभाष सिंह और आकाश सिंह को भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है. पुलिस का कहना है कि घटना की वजह सोशल मीडिया पर लगातार किए जा रहे विवादित पोस्ट को लेकर रंजिश थी. हालांकि पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
तीन पुलिसकर्मी भी नपे
हत्या के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे. इसके बाद तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया. परसपुर थाना प्रभारी कमला शंकर चतुर्वेदी, शाहपुर चौकी प्रभारी अंकित सिंह और बीट आरक्षी अभिमन्यु भारती को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. इसके बाद पुलिस महकमे में फेरबदल भी किया गया. खोड़ारे थाने के प्रभारी उपनिरीक्षक कृष्ण गोपाल राय को परसपुर का नया थाना प्रभारी बनाया गया. वहीं गोंडा देहात कोतवाली में तैनात महिला उपनिरीक्षक निशा निषाद को शाहपुर चौकी प्रभारी बनाया गया.
BJP से कनेक्शन का आरोप, तस्वीरों से सियासत
अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा राजनीतिक विवाद यही है. आरोप लगाए जा रहे हैं कि गिरफ्तार आरोपियों के तार बीजेपी से जुड़े हैं. एक तस्वीर भी सामने आई है जिसमें एक आरोपी बीजेपी जिलाध्यक्ष के साथ दिखाई दे रहा है. एक अन्य तस्वीर में उसके बीजेपी का आई-कार्ड पहने होने का दावा किया जा रहा है. हालांकि किसी आरोपी का किसी राजनीतिक दल के नेता के साथ तस्वीर में दिखाई देना अपने आप में उसके राजनीतिक संबंध या पार्टी की संलिप्तता साबित नहीं करता. फिर भी इन तस्वीरों के सामने आने के बाद विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
राजनीति और कार्रवाई के बीच एक परिवार अपने मुखिया को खो चुका है. विनोद साहनी तीन बच्चों के पिता थे. उनका 18 साल का बेटा राजा साहनी है. छोटी बेटी विजयलक्ष्मी की शादी नहीं हुई है, जबकि बड़ी बेटी रागिनी की शादी हो चुकी है. पिता की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हैपरिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. अब परिवार की मांग है कि सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, उन्हें इंसाफ चाहिए.
विनोद साहनी हत्या: सोशल मीडिया पोस्ट के विवाद से लेकर मौत तक… गरमाई सियासत
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,