खबर शहर , सात साल की मासूम ने छोड़ा घर: परिजन के उड़े होश, दाैड़ी-दाैड़ी रेलवे स्टेशन पहुंची हुआ; इस हाल में मिली बच्ची – INA

हाथ में फिरोजाबाद से इटावा का रेलवे टिकट, एक पॉलीथिन में कपड़े और चप्पल… और स्टेशन पर अकेली सात साल की बच्ची। रविवार को फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन पर यह दृश्य देखकर जीआरपी कर्मियों को शक हुआ। ऑपरेशन मुस्कान के तहत गश्त कर रही पुलिस टीम ने बच्ची को अपने संरक्षण में लिया। बच्ची अपना नाम और पिता का नाम तो बता रही थी, लेकिन पता नहीं बता पा रही थी। पुलिस ने टिकट घर और स्टेशन के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके बाद सिटी कंट्रोल रूम और सोशल मीडिया के जरिये बच्ची की जानकारी प्रसारित कराई। कुछ देर बाद तलाश करते हुए पहुंचे रिश्तेदारों ने बच्ची को पहचान लिया।
जीआरपी प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह के नेतृत्व में टीम रविवार को स्टेशन पर गश्त और चेकिंग कर रही थी। प्लेटफार्म नंबर एक/दो पर बने फुट ओवरब्रिज के नीचे बच्ची अकेली मिली। उसके पास कोई महिला या पुरुष यात्री नहीं था। पुलिसकर्मियों ने प्यार से पूछताछ की तो उसने अपना नाम और पिता का नाम बताया। उसके पास मिली पॉलीथिन में कुछ कपड़े और चप्पल थीं। साथ ही फिरोजाबाद से इटावा का रेलवे टिकट भी मिला।
टिकट पर 15:48 बजे का समय दर्ज था। पुलिस ने टिकट घर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तो बच्ची अकेले टिकट खरीदती नजर आई। इसके बाद स्टेशन के बाहर लगे कैमरों को खंगाला गया। फुटेज में बच्ची चंद्रवार गेट की ओर से स्टेशन आती दिखाई दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ सिटी कंट्रोल रूम और सोशल मीडिया पर बच्ची की फोटो व नाम प्रसारित कराया।
इसी दौरान बच्ची की बुआ उसे तलाशते हुए स्टेशन पहुंच गए। उन्होंने बच्ची की पहचान की। बुआ ने बताया कि बच्ची मूलरूप से थाना भरथना क्षेत्र, इटावा निवासी है। पिछले आठ दिन से बच्ची उनके घर रह रही थी। रविवार दोपहर करीब दो बजे वह बिना बताए घर से निकल गई थी। परिजनों ने उसकी तलाश करने के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर भी सूचना दी थी।
बुआ को देखते ही बच्ची ने उन्हें पहचान लिया। इसके बाद जीआरपी ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर बच्ची को बुआ के सुपुर्द कर दिया। बच्ची के सकुशल मिलने पर परिजनों ने जीआरपी टीम की सराहना की। बच्ची को बरामद करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह, उपनिरीक्षक कौशल किशोर मिश्र, हेड कांस्टेबल मनीष कुमार, कांस्टेबल हरिओम सिंह और महिला कांस्टेबल दीक्षा सिंह शामिल रहीं।