सीजी- CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक झमाझम बारिश की संभावना, कई जिलों में अलर्ट जारी – INA

CG Weather News: छत्तीसगढ़ में मानसून फिर एक्टिव होने वाला है। अगले दो दिन तक झमाझम बारिश होने की संभावना है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां जारी है। जगदलपुर और आस-पास के इलाकों में तामपान 30 डिग्री सेल्सियस के नीचे बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन के डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना हैं। इस सिस्टम की वजह से 23 और 24 सितबंर को दक्षिण भागों के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं रायपुर में भी बारिश के संकेत हैं। राजधानी रायपुर में मंगलवार की रात मौसम ने करवट बदला, लेकिन उमस भरी गर्मी से लोगों को पूरी तरह से राहत नहीं मिली है।
कई जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने कई जिलों में सुबह 10 बजे तक के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव में तेज हवा, आकाशीय बिजली और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और बेमेतरा में बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 22 सितंबर को सुबह 11.30 बजे डिप्रेशन पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 17.9 डिग्री उत्तर अक्षांश और 85.8 डिग्री पूर्व देशांतर के पास था। यह पिछले छह घंटे में करीब 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में . बढ़ने और 23 सितंबर की रात तक विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट को पार करने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में भी इस सिस्टम का असर देखने को मिलेगा।
रायपुर में बारिश की संभावना
राजधानी रायपुर में बौछारें पड़ने की संभावना है। 23 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। प्रदेश में बुधवार को अधिकांश स्थानों पर हल्की मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आकाशीय बिजली भी गिर सकती है।