खबर शहर , Agra News: आंधी-बारिश में उजड़ गई झोपड़ी, मां-बेटी ने डर के साए में काटी रात – INA

बाह। गढ़वार गांव के मजरा तड़हेता में 71 साल की विधवा फूल श्री अपनी बेटी प्रभा के साथ झोपड़ी के आशियाने में रहने को मजबूर है। कई बार गुहार लगाने के बाद उसे आवास नहीं मिल सका है। उज्ज्वला योजना से वंचित फूल श्री की कच्चे चूल्हे पर खाना बनाने की नियति बन गई है।

तड़हेता गांव की फूल श्री ने बताया करीब 10 साल पहले पति नवाब सिंह का निधन हो गया था। 4 बेटे और 2 बेटियों में से बड़ी बेटी की शादी कर दी है। बेटे इटावा में रह कर मेहनत मजदूरी करते हैं। वह बेटी के साथ सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे झोपड़ी में रहने को मजबूर है। शुक्रवार की रात आंधी में झोंपड़ी उजड़ गई, उसके ऊपर पड़ा तिरपाल उड़ गया। टपकती झोपड़ी के नीचे उन्होंने बेटी के साथ रात काटी थी। कई बार ऐसा लगा कि कहीं मां-बेटी झोपड़ी के मलबे में दब न जाएं, शनिवार को झोपड़ी को दुरुस्त किया। उन्होंने बताया कि प्रधान से कई बार आवास की गुहार लगाई। आवास मिला न शौचालय, सिलिंडर न मिलने की वजह से लकड़ी बीन कर कच्चे चूल्हे पर खाना बना कर गुजर कर रही है। फूल श्री ने अपने लिए आवास की गुहार लगाई है। गढ़वार के प्रधान रामवीर ने बताया आवास का प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए भेज दिया है। स्वीकृत होते ही वह निर्माण करा सकेंगी। अपने स्तर से प्रस्ताव को तैयार कराकर विकास भवन भेजा है।

झोपड़ी में रह रही महिला को अब तक आवास क्यों नहीं मिल सका? की एडीओ पंचायत से जांच कराएंगे। महिला को आवास दिलाया जाएगा, दूसरी समस्याओं का भी निदान होगा। – नीरज तिवारी, खंड विकास अधिकारी जैतपुर


Credit By Amar Ujala

Back to top button