Technology, आईएमसी 2026: देश में 5.5 लाख 5जी बेस स्टेशन, 8 रुपये में 1 जीबी डेटा; पीएम मोदी ने गिनाईं उपलब्धियां – Imc 2026 Pm Modi Inaugurates India Mobile Congress 10th Edition 1 Gb Data In 8 Rupees 5g Base Stations — INA

सार
राजधानी दिल्ली के यशोभूमि इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को एशिया के सबसे बड़े डिजिटल टेक्नोलॉजी फोरम, इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC 2026) के 10वें एडिशन का भव्य आगाज हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चार दिवसीय मेगा इवेंट का औपचारिक उद्घाटन करते हुए कहा कि मोबाइल फोन अब केवल बात करने का साधन नहीं रहे, बल्कि गुड गवर्नेंस का सबसे ताकतवर जरिया बन चुके हैं।

भारत में 5G नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए बताया कि देश में अब 5G नेटवर्क को सपोर्ट करने वाले 5.5 लाख से ज्यादा बेस स्टेशन काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के टेलीकॉम सेक्टर में तेजी से बदलाव आया है और इंडिया मोबाइल कांग्रेस इस सफर की अहम झलक पेश करता रहा है।
2022 में मोबाइल कांग्रेस से शुरू हुआ था 5G का सफर
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत के टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार पर मुहर लगाई। पीएम मोदी ने बताया कि देश में आज 5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशंस सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस का यह मंच भारत के टेलीकॉम ट्रांसफॉर्मेशन का गवाह रहा है। इसी मंच से साल 2022 में देश में आधिकारिक तौर पर 5G सर्विस लॉन्च की गई थी। इसके बाद 2023 में विजन को 5G रोलआउट से रीच-आउट तक ले जाया गया, जिसका परिणाम है कि आज देश का कोना-कोना सुपरफास्ट 5G कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है।
1GB डेटा 268 रुपये से घटकर 8 रुपये हुआ
उद्घाटन सत्र में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी के बढ़ते दायरे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोर तकनीक को देश के आखिरी गांव और हर नागरिक तक पहुंचाने पर रहा है।
सिंधिया के मुताबिक, 2014 में भारत में 1GB डेटा की कीमत करीब 268 रुपये थी। अब यही डेटा करीब 8 रुपये में उपलब्ध है। उन्होंने इसे दुनिया में सबसे कम डेटा कीमतों में से एक बताया। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों में भारत में प्रति यूजर डेटा इस्तेमाल में भी बड़ा इजाफा हुआ है। कम कीमत और बढ़ते इस्तेमाल ने ज्यादा लोगों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने का काम किया है।
सिंधिया ने बताया कि भारत 6G एलायंस में 90 संस्थान जुड़े हुए हैं। इस प्लेटफॉर्म के जरिए दुनियाभर के संस्थानों के साथ सहयोग और साझेदारी पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत 6G एलायंस से जुड़े संस्थानों ने अब तक 7,700 पेटेंट हासिल किए हैं, जिनमें 4,400 इंटरनेशनल पेटेंट शामिल हैं।
गुड गवर्नेंस का औजार बना मोबाइल
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत में टेलीकॉम का मतलब सिर्फ स्पेक्ट्रम, टावर या इंटरनेट स्पीड तक सीमित नहीं है। भारतीयों के लिए इसका दायरा कहीं अधिक गहरा है। पीएम ने कहा कि आज मोबाइल फोन केवल बातचीत करने का डिवाइस नहीं रहा, बल्कि यह पारदर्शी शासन और गुड गवर्नेंस का सबसे प्रभावी टूल बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने समझाया कि कैसे मोबाइल कनेक्टिविटी ने आम नागरिक को सीधे सरकारी सेवाओं और योजनाओं से जोड़ा है। कतारों में लगने का झंझट खत्म हुआ है और डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से लेकर बुनियादी दस्तावेज अब एक क्लिक पर नागरिक के हाथ में हैं।
डिजिटल डिवाइड को खत्म कर बनाया सशक्त भारत
बीते एक दशक के सफर को रेखांकित करते हुए पीएम ने कहा कि 10 साल पहले ‘डिजिटल डिवाइड’ देश के लिए एक बड़ी चुनौती था और नई तकनीक कुछ खास वर्गों का विशेषाधिकार मानी जाती थी। लेकिन डिजिटल इंडिया मिशन के तहत सरकार ने मोबाइल को केंद्र में रखा, जिससे तकनीक आम जनता की पहुंच में आई और समाज के हर तबके को समान अवसर मिले।
इस साल का विषय है खास
इस साल आईएमसी का विषय ‘बिना सीमाओं के विस्तार करना’ रखा गया है। पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत के टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की कहानी से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस ने देश के टेलीकॉम बदलाव को करीब से देखा है। 2022 में 5G लॉन्च से लेकर 2024 में इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन की मेजबानी तक भारत ने इस क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूत की है।
एआई से 6G तक दिखेगी भारत की टेक ताकत
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़े कई बड़े डेमो पेश किए जाएंगे। इनमें एआई नेटवर्क, 6जी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सेल ब्रॉडकास्ट, सॉवरेन क्लाउड, टेराहर्ट्ज कम्युनिकेशन और इंटीग्रेटेड सेंसिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं। ऐसे में इस आयोजन में भारत के मौजूदा डिजिटल नेटवर्क के साथ भविष्य की टेक्नोलॉजी की दिशा पर भी फोकस रहेगा।
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