यूपी – अलीगढ़: दुष्कर्म मामले में बचाव के लिए लगाया विवाह प्रमाण, जांच में निकला फर्जी, सात पर रिपोर्ट दर्ज – INA

अलीगढ़ में जट्टारी क्षेत्र की एक विधवा महिला के साथ दुष्कर्म और धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी ने रिमांड से बचने के लिए कोर्ट में विवाह प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी निकला। अब पीड़िता ने फर्जी विवाह प्रमाणपत्र मामले में मुख्य आरोपी, आर्य समाज संस्था के मंत्री सहित सात लोगों पर धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज बनाने के आरोप के रिपोर्ट दर्ज कराई है।

पीड़िता का आरोप है कि फर्जी विवाह प्रमाणपत्र मामले में थाने में शिकायत की गई थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब एसएसपी के आदेश के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दुष्कर्म और धोखाधड़ी के मामले में उसने इगलास निवासी दिनेश सिंह व अन्य चार लोगों पर बन्ना देवी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में दिनेश ने अपने अधिवक्ता के जरिये कोर्ट में विवाह का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। ये प्रमाणपत्र आर्य समाज संस्थान इब्राहिमाबाद हरदुआगंज की ओर से जारी किया गया था।

आर्य समाज प्रतिनिधि सभा लखनऊ ने पत्रांक संख्या 149 जरिये पुष्टि की कि उक्त प्रमाणपत्र फर्जी है। पीड़िता ने भी प्रमाणपत्र पर दर्ज विवाह की तिथि को चुनौती दी। साक्ष्य के जरिये साबित किया उस तिथि पर वह दिल्ली में निजी कंपनी में नौकरी कर रही थी। प्रमाणपत्र फर्जी होने की पुष्टि के बाद पीड़िता ने आर्य समाज संस्था इब्राहिमाबाद के मंत्री सत्यप्रकाश यादव एवं सीमा आर्य, मुख्य आरोपी दिनेश कुमार, उसके सहयोगी राकेश शर्मा उर्फ कालू, भूदत्त शर्मा उर्फ बबलू, गोपाल शर्मा, मदन लाल शर्मा निवासी जट्टारी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।

सीओ बोले : आर्य समाज से जुड़े व्यक्ति का दोष नहीं

मामले में सीओ अतरौली अनिवेश कुमार ने कहा कि मुख्य आरोपी दिनेश कुमार महिला से दुष्कर्म के मामले में पहले से जेल में है, जिसका बी वारंट लिया जाएगा। वहीं, आर्य समाज संस्था जो प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है, उसमें दिनेश कुमार की ओर से ही गलत हलफनामा देकर प्रमाणपत्र बनवाया गया था। जांच में आर्य समाज संस्था के नामजदों का दोष सिद्ध नहीं पाया गया है। मामले में . की विधिक कार्रवाई की जा रही है।


Credit By Amar Ujala

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