खबर शहर , Agra News: डिजिटल सुविधा.. न आय के साधन.. 50 लाख रुपये की दौड़ से 685 पंचायत बाहर – INA

आगरा। घर-घर कूड़ा उठाने, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन करने और आय बढ़ाने से लेकर डिजिटल सुविधा तक में ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में पिछड़ती नजर आ रहीं हैं। यही वजह है कि 680 पंचायतें 50 लाख रुपये की मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार योजना की दौड़ में शामिल ही नहीं हुई। दस के आवेदन में से पांच के रद हो गए हैं। अब पांच पंचायत बची हैं।

सरकार ने ग्राम पंचायतों को समग्र विकास के लिए प्रोत्साहन करने के लिए पहली बार मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार योजना शुरू की। इसके लिए पहले 30 सितंबर तक आवेदन मांगे गए थे, बाद में इसे 10 अक्तूबर कर दिया। योजना में आवेदन के लिए 10 बिंदुओं पर मानक निर्धारित किए गए। उनमें से किसी एक में पंचायत को आवेदन करना था। प्रदेशभर में 10 पंचायतों का चयन होगा। चयनित पंचायतों को 50 लाख रुपये मिलेंगे। जिसे पंचायत स्वेच्छा से किसी भी मद में खर्च कर सकती हैं। जिले की 690 ग्राम पंचायतों में से मात्र 10 पंचायतों ने खुद को योजना के मानकों की पूरा करने की स्थिति में मानकर आवेदन किए। उनमें से भी 5 के आवेदन को मानकों अनुरूप न पाकर निरस्त कर दिया। वहीं 680 ग्राम पंचायतों ने खुद को पुरस्कार के लिए आवेदन करने लायक ही नहीं समझा। इससे साफ होता है कि गांवों में स्वच्छता, जल संरक्षण, जैविक खेती, स्वयं की आय, महिला सहभागिता, डिजिटल सेवाओं आदि से जुड़ी व्यवस्थाओं में ग्राम पंचायतों में अपेक्षित कार्य नहीं हुआ है। वह आज भी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहीं हैं।

ये थी दस श्रेणियां

-घर-घर कचरा एकत्रित करने वाली ग्राम पंचायत।

-स्वयं की आय सृजित करने वाली ग्राम पंचायत।

-कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से सर्वाधिक सेवाएं प्रदान करने वाली ग्राम पंचायत।

-मेरा तालाब मेरी योजना में श्रेष्ठ कार्य करने वाली ग्राम पंचायत।

– आधार केंद्रों से सेवाएं प्रदान करने वाली ग्राम पंचायत।

– तरल अपशिष्ट प्रबंधन करने वाली ग्राम पंचायत।

– प्लास्टिक मुक्त एवं प्रबंधन करने वाली ग्राम पंचायत।

– पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन करने वाली ग्राम पंचायत।

– महिला नेतृत्व एवं सहभागिता में उत्कृष्ट ग्राम पंचायत।

-सर्वाधिक जैविक कृषि करने वाली ग्राम पंचायत

वर्जन

690 पंचायतों में से 10 ग्राम पंचायतों ने आवेदन किया है। इसमें से पांच के आवेदन मानक पूरा न होने पर निरस्त किया गया है। शेष पांच आवेदनों को पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया में भेजा जाएगा। चयन शासन स्तर से ही होना है। – मनीष कुमार, डीपीआरओ


Credit By Amar Ujala

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