भारत पर 100% टैरिफ का फैसला 10 दिन में संभव:अमेरिकी राजदूत बोले- रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगाएं या नहीं, ट्रम्प तय करेंगे- INA NEWS

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर करीब 10 दिन में फैसला ले सकते हैं। यह बात अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कही। गोर ने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, यह भी ट्रम्प ही तय करेंगे। अमेरिकी संसद ने 18 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का बिल पास किया था। ट्रम्प ने भी इस कानून को मंजूरी दे दी है, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। हालांकि कानून पारित होने के 30 दिनों के भीतर फैसला लेना जरूरी है। गोर ने कहा कि इस कानून का मकसद किसी देश को सजा देना नहीं, बल्कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। अमेरिका दूसरे देशों के साथ मिलकर रूस को युद्ध के लिए मिलने वाले पैसे को धीरे-धीरे कम करना चाहता है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि संसद ने प्रतिबंधों के तीन विकल्प दिए हैं। इनमें तेल, गैस और प्रतिबंधों से बचने में मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा, “इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश पर नहीं है। कांग्रेस ने तीन अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। पहली तेल, दूसरी गैस और तीसरी प्रतिबंधों से बचने में मदद करना है।” गोर ने कहा कि इन श्रेणियों में शामिल लोगों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। उन्होंने कहा कि भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत से ट्रेड डील पर भी बातचीत जारी गोर ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच करीब डेढ़ साल से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ डिफेंस, आईटी, डेटा सेंटर और चिप मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को AI डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र बनने के लिए उपयुक्त बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों की साझेदारी से दोनों देशों को फायदा होगा।

Source link
यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

Back to top button