खबर शहर , Agra News: एंटीबायोटिक इंजेक्शन 200 का…1,024 रुपये एमआरपी – INA

आगरा। एमआरपी पर दवाएं इलाज का खर्च दो-तीन गुना बढ़ा रही हैं। स्थिति ये है कि 200 रुपये के एंटीबायोटिक इंजेक्शन की दर्ज कीमत 1,024 रुपये है। अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीज इसी कीमत पर दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त के आदेश के बावजूद औषधि विभाग अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोरों की जांच से बच रहा है।
जिले में करीब आठ हजार मेडिकल स्टोर पंजीकृत हैं। अस्पतालों की बात करें तो यहां 486 हैं। इनमें मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं। मरीजों का आरोप है कि एमआरपी पर ही दवाओं की बिक्री हो रही है। बाजार और अस्पताल में संचालित मेडिकल स्टोर की कीमत में औसतन पांच से छह गुना कीमत है।
बीते दिनों फव्वारा में जब्त की गईं सैंपल, सरकारी, एक्सपायरी डेट की री-पैकिंग दवाओं का खेल पकड़ा था। इस पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने थोक और अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोरों की जांच के निर्देश दिए थे।
अवैध गोदामों में पकड़ी गई दवाओं के मामले में व्यस्तता है। कोर्ट संबंधी कार्य पूरा होने के बाद जल्द जांच अभियान चलाएंगे। अगर कोई एमआरपी से अधिक पर दवाएं बेच रहा है तो इसकी विभाग में शिकायत की जा सकती है। – आशुतोष मिश्रा, औषधि निरीक्षक
ये है दवाओं की स्थिति
बीमारी बाजार में कीमत (रुपये में) एमआरपी
खून की कमी 70 288
-कैंसर 700 1,576
-प्रतिरोधक क्षमता कमी 400 1,785
– एचआईवी 1200 4866
-लिवर इन्फेक्शन 40 235
वर्जन
एमआरपी पर दवाओं की बिक्री गलत है। इससे मरीज पर खर्च बढ़ जाता है, जो अमानवीय है। सरकार से अपील है कि दवाओं पर बचत तय करे और उसी के आधार पर एमआरपी दर्ज की जाए। – डॉ. हरेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष आईएमए
वर्जन
बाजार और अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोर की कीमत में भारी अंतर है। ऐसे में मरीज-तीमारदारों ड्रग के आधार पर बाजार में भी कीमत का मिलान करें और जागरूक बनें। -आशीष ब्रह्मभट्ट, अध्यक्ष, आगरा रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन