Technology, आईफोन की बिक्री में 30% तक गिरावट: महंगी कीमतों और कम छूट ने बिगाड़ा खेल, 2026 में सप्लाई घटने का अनुमान – Iphone Sales Decline 30 Percent India 2026 Foldable Iphone Duo Screen Crack — INA

सार
भारत में आईफोन की बिक्री इस त्योहारी सीजन में 30% तक घट सकती है। महंगी कीमतें, सीमित डिस्काउंट और किफायती मॉडल की कमी ने ग्राहकों को खरीदारी से दूर रखा। इसका असर 2026 में आईफोन की सप्लाई पर भी पड़ सकता है। इस बीच, एपल के पहले फोल्डेबल फोन आईफोन डुओ की स्क्रीन में खराबी की शिकायतों ने कंपनी के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।
भारत में आईफोन खरीदने वालों की संख्या इस त्योहारी सीजन में उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। दशहरा और त्योहारी सेल के दौरान आईफोन की बिक्री में 30% तक गिरावट आने की खबर है। सीमित डिस्काउंट, ऊंची कीमतें और ग्राहकों को किफायती रेंज में पसंदीदा मॉडल नहीं मिलने से बिक्री प्रभावित हुई। दूसरी ओर, एपल के पहले फोल्डेबल फोन आईफोन डुओ की अंदरूनी स्क्रीन में दरार और दूसरी खराबियों की शिकायतों ने भी कंपनी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
आमतौर पर त्योहारी सीजन में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले बैंक ऑफर, भारी छूट और पुराने फोन को एक्सचेंज करने की सुविधा आईफोन की बिक्री बढ़ाने में मदद करती है। लेकिन इस बार ग्राहकों को पहले जैसी आकर्षक डील नहीं मिलीं। ऐसे में महंगे आईफोन खरीदने से कई लोगों ने दूरी बनाए रखी।
कम छूट और ऊंची कीमतों ने घटाई आईफोन की बिक्री
- त्योहारी सेल के दौरान आईफोन की बिक्री में आई गिरावट के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। इस बार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर छूट सीमित रही और बैंक ऑफर भी ग्राहकों को पहले की तरह आकर्षित नहीं कर सके। इसके अलावा, करीब 60 हजार रुपये की कीमत वाले सेगमेंट में लोकप्रिय आईफोन मॉडल आसानी से उपलब्ध नहीं होने से भी खरीदारों के विकल्प सीमित रहे।
- ग्राहकों का अपने पुराने स्मार्टफोन को लंबे समय तक इस्तेमाल करने को भी बिक्री के न बढ़ने की वजह बताई जा रही है। पहले जहां कई लोग नए मॉडल के लॉन्च या त्योहारी ऑफर के दौरान फोन बदल लेते थे, वहीं अब महंगी कीमतों को देखते हुए वे पुराने फोन से ही काम चला रहे हैं।
- इन सभी वजहों का असर आईफोन की मांग पर पड़ा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बिक्री में आई इस गिरावट का असर भारत में एपल की सालाना सप्लाई पर भी देखने को मिल सकता है।
2026 में आईफोन की सप्लाई घटने का अनुमान
- भारत में आईफोन की सप्लाई के लिहाज से 2025 एपल के लिए अच्छा साल रहा था। उस साल देश में रिकॉर्ड 1.43 करोड़ आईफोन की सप्लाई हुई थी। हालांकि, 2026 में तस्वीर बदल सकती है।
- रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल भारत में आईफोन की सालाना सप्लाई में दो अंकों की गिरावट आने का अनुमान है। इसकी एक बड़ी वजह ग्राहकों की कमजोर मांग और किफायती विकल्पों की कमी हो सकती है।
- हालांकि, सप्लाई में अनुमानित गिरावट का अंतिम आंकड़ा अभी सामने आना बाकी है। यह भी देखना होगा कि आने वाले महीनों में कंपनी कीमतों, ऑफर्स और नए मॉडल के जरिए ग्राहकों को कितना आकर्षित कर पाती है।
फोल्डेबल आईफोन डुओ की स्क्रीन में शिकायतें
- आईफोन की बिक्री में गिरावट के बीच एपल के पहले फोल्डेबल फोन आईफोन डुओ को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने फोन की अंदरूनी स्क्रीन में दरारें और लकीरें दिखाई देने की शिकायत की है। ये समस्याएं खास तौर पर स्क्रीन के उस हिस्से में बताई गई हैं, जहां फोन मोड़ा जाता है। कंपनी ने माना है कि कुछ सीमित यूनिट की अंदरूनी स्क्रीन में खराबी आई है। प्रभावित ग्राहकों को फोन बदलवाने के लिए एपलकेयर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
- हालांकि, अभी तक स्क्रीन में दरार आने की असली वजह स्पष्ट नहीं की गई है। यह भी साफ नहीं है कि समस्या किन परिस्थितियों में सामने आई और क्या इसका संबंध फोन के इस्तेमाल, स्क्रीन की बनावट या किसी दूसरी तकनीकी खामी से है।
फोल्डेबल फोन की मजबूती पर उठे सवाल
- फोल्डेबल स्मार्टफोन में स्क्रीन की मजबूती सबसे अहम पहलुओं में से एक है। सामान्य स्मार्टफोन की तुलना में ऐसे फोन की स्क्रीन बार-बार मुड़ती है। इसलिए लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद भी उसका ठीक रहना ग्राहकों के भरोसे के लिए जरूरी है।
- आईफोन डुओ की कुछ यूनिट में सामने आई खराबियों के बाद इस बात पर सवाल उठने लगे हैं कि फोल्डेबल स्क्रीन रोजाना के इस्तेमाल में कितनी टिकाऊ है। हालांकि, कुछ फोन में आई समस्या के आधार पर सभी यूनिट को खराब मानना सही नहीं होगा।
- एपल के लिए अब दो चुनौतियां हैं। एक तरफ भारत में आईफोन की मांग बढ़ाना और दूसरी तरफ अपने नए फोल्डेबल फोन की गुणवत्ता को लेकर ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना। आने वाले समय में कंपनी इन दोनों मोर्चों पर क्या कदम उठाती है, इस पर बाजार की नजर रहेगी।