सीजी- 26 साल का हुआ छत्तीसगढ़: सीएम साय ने प्रदेशवासियों को दी राज्य स्थापना दिवस की बधाई, 3 दिन तक होंगे खास आयोजन – INA

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर 2026 तक नवा रायपुर अटल नगर में तीन दिवसीय राज्योत्सव मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के 26 वर्ष पूरे होना गौरव का अवसर है। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है।

मुख्यमंत्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके दृढ़ संकल्प से छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार हुआ। पृथक राज्य के गठन से प्रदेशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं को नई पहचान मिली। विकास की नई संभावनाओं के द्वार भी खुले। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह राज्योत्सव अनेक मायनों में ऐतिहासिक और विशेष है। यह पहला राज्योत्सव है, जब छत्तीसगढ़ लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प को इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय दिया। मुख्यमंत्री साय ने वर्ष 2047 तक एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान किया। राज्य सरकार का संकल्प छत्तीसगढ़ के हर गांव में खुशहाली लाना है। साथ ही, प्रत्येक युवा को . बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

बस्तर में पर्यटन और रोजगार के अवसर

राज्योत्सव में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ‘बदलता बस्तर-संवरता छत्तीसगढ़’ थीम पर प्रदर्शनी लगाएगा। इसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति के साथ बढ़ते पर्यटन और रोजगार के अवसर दिखेंगे। प्रदर्शनी में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और युवाओं के लिए आजीविका के नए अवसरों पर विशेष जोर रहेगा। सुकमा का तुंगल कैफे महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल है, जिसे मुख्यधारा में लौटिं 10 महिलाएं मिलकर चला रही हैं। कांगेर घाटी में चक्रीय निधि से उपलब्ध कराए गए 35 जिप्सी वाहनों से लगभग 200 स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है। तुंगल में युवा नौका विहार और कयाकिंग जैसी गतिविधियों से आय अर्जित कर रहे हैं। स्थानीय युवाओं को प्रकृति मार्गदर्शक के रूप में भी रोजगार मिल रहा है। प्रदर्शनी के जरिये बताया जाएगा कि पर्यटन वनांचल के लोगों के लिए आजीविका का नया जरिया बन रहा है।

वन्यजीव संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत

वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां भी प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण होंगी। बारनवापारा में दशकों बाद काले हिरण की वापसी को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। औरापानी में गिद्ध संरक्षण और छत्तीसगढ़ के पहले रामसर स्थल कोपरा जलाशय का संरक्षण भी प्रदर्शित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 26 अप्रैल 2026 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में काले हिरण की वापसी का उल्लेख किया था। धमतरी के ठेमली द्वीप को इको-पर्यटन केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। ‘गजरथ यात्रा’ के माध्यम से मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन और सह-अस्तित्व का संदेश दिया जाएगा। प्रदेश के राजकीय पशु वन भैंसा, राजकीय वृक्ष साल और राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना की जानकारी भी दर्शकों को मिलेगी। राजकीय तितली के लिए अनुमोदित ऑरेंज ओकलीफ की जानकारी भी दी जाएगी।

प्रमुख अतिथि और सांस्कृतिक कार्यक्रम

राज्योत्सव के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया होंगे। दूसरे दिन 2 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में होगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 नवंबर को समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। 2 नवंबर को सुबह 11 बजे नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का हवाई करतब होगा। पांच स्वदेशी ‘ध्रुव’ हेलीकॉप्टरों के साथ टीम आकर्षक हवाई संरचनाओं और साहसिक करतबों का प्रदर्शन करेगी। ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व वाली इस टीम में स्क्वाड्रन लीडर अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर अक्षया भी शामिल हैं। राज्योत्सव में तीनों दिन शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा। 1 नवंबर को पार्श्व गायिका पलक मुच्छल, 2 नवंबर को पार्श्व गायिका स्वस्ति मेहुल और 3 नवंबर को पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य अपनी प्रस्तुतियां देंगे। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी 2 नवंबर को राज्योत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


Credit By Amar Ujala

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