हैदराबाद जेल में बना देश का पहला जेंडर न्यूट्रल सेल:ट्रांसजेंडर कैदियों को मिलेगी अलग पहचान, मानवाधिकार आयोग के दखल के बाद फैसला; मनपसंद कपड़े पहन सकेंगे- INA NEWS

पहले जेल में सिर्फ पुरुष और महिला वार्ड होते थे। ट्रांसजेंडर कैदियों को किस वार्ड में रखा जाए, ये बड़ी दिक्कत थी। अब उनके लिए अलग जेंडर-न्यूट्रल सेल होगा, जहां वो अपनी पहचान के हिसाब से रह सकेंगे और अपनी पसंद के कपड़े भी पहन सकेंगे। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) के हस्तक्षेप के बाद हैदराबाद सेंट्रल जेल में देश का पहला जेंडर-न्यूट्रल सेल बनाया गया है। NHRC ने गुरुवार यह जानकारी दी। यह कदम 8 अक्टूबर को NHRC के विशेष मॉनिटर के जेल दौरे के बाद उठाया गया। विशेष मॉनिटर ट्रांसजेंडर लोगों और LGBTQ+ समुदाय के अधिकारों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभालते हैं। अनुपालन रिपोर्ट में जानकारी हैदराबाद सेंट्रल प्रिजन के सुपरिंटेंडेंट ने अनुपालन रिपोर्ट में आयोग को बताया कि जेंडर-न्यूट्रल सेल बनाने की सिफारिश लागू कर दी गई है। जेल अधिकारियों ने सुविधा में रह रहे लोगों को अपनी पहचान के अनुरूप कपड़े पहनने की अनुमति भी दी है। NHRC ने कहा कि यह पहल सुधार गृहों में अलग-अलग जेंडर पहचान और अभिव्यक्ति वाले लोगों के मानवाधिकारों और सम्मान की सुरक्षा की दिशा में आयोग के प्रयासों को दिखाती है।
Source link
यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |