आगरा नगर निगम की सदन कार्रवाई के दौरान शुक्रवार को अनोखा नजारा देखने को मिला। एक ओर जहां दिवाली के उपलक्ष्य में सदन सभागार को भव्य रूप देने के लिए पहली बार गेंदे और गुलाब के फूलों से आकर्षक सजावट की गई थी और पार्षदों का स्वागत लाल कालीन (रेड कारपेट) बिछाकर किया गया, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक गहमागहमी और तकरार ने माहौल को गर्मा दिया।
काली पट्टी बांधकर वेल में बैठे बसपा पार्षद
सदन की कार्रवाई शुरू होते ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पार्षद सुनील शर्मा ने व्यवस्था का सवाल उठाया। अपनी मांगों और विरोध को दर्ज कराने के लिए वे आंखों पर काली पट्टी बांधकर सीधा वेल में जाकर बैठ गए। उनके समर्थन में बसपा के अन्य पार्षदों ने भी वेल में उतरकर जोरदार प्रदर्शन और धरना शुरू कर दिया। इस दौरान सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बसपा पार्षदों के बीच तीखी बहस और तकरार देखने को मिली।
माइक तोड़ने पर बसपा पार्षद यशपाल सिंह निष्कासित
हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के बीच बसपा पार्षद यशपाल सिंह द्वारा माइक तोड़े जाने पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेयर हेमलता दिवाकर ने सख्त रुख अपनाया और अनुशासनहीनता के आरोप में बसपा पार्षद यशपाल सिंह को आज के पूरे सदन सत्र के लिए निष्कासित कर दिया। सदन में एक तरफ जहां दिवाली की सजावट और लाल कालीन की भव्यता चर्चा का विषय बनी रही, वहीं भाजपा और बसपा के बीच चल रही तकरार के कारण नगर निगम की कार्यवाही काफी देर तक बाधित रही।