Entertainment: चुन चुन कर बदला लेंगे आमिर खान, ‘सितारे जमीन पर’ सभी आलोचना का हिसाब लेगी! – #iNA

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान… एक ऐसा नाम है जिसने बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी हैं. उनकी फिल्में न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ती थीं, बल्कि दर्शकों और समीक्षकों के दिलों पर भी राज करती थीं. फिर वो ‘लगान’ हो, ‘रंग दे बसंती’ हो, ‘तारे जमीन पर’ हो, ‘3 इडियट्स’ हो, या ‘पीके’ और ‘दंगल’ हो. इन फिल्मों ने उन्हें एक ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया था, जहां उनकी हर अगली फिल्म का बेसब्री से इंतजार किया जाता था. लेकिन फिर एक ऐसा दौर आया, जहां आमिर खान सोशल मीडिया ट्रोलिंग का शिकार बन गए, निगेटिव पब्लिसिटी के कारण उनकी दो फिल्में बुरी तरह से फ्लॉप हो गईं. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उनके फैंस को उम्मीद है कि आमिर खान की आने वाली फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ उनपर निशाना साधने वालों को करारा जवाब देगी.
आमिर खान की साल 2018 में रिलीज हुई ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ वो फिल्म थी, जिसने उनके के करियर में एक गहरा मोड़ ला दिया. यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस मेगा बजट फिल्म से दर्शकों को बहुत उम्मीदें थीं. अमिताभ बच्चन और आमिर खान जैसे दो दिग्गजों का साथ आना, भव्य सेट और शानदार एक्शन… फिल्म में वो सब कुछ था जिसे देख लग रहा था कि ये एक ब्लॉकबस्टर फिल्म होगी. लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई, तो वो पहले दिन तो खूब चली.
140 करोड़ में समेट गई थी फिल्म
आमिर खान की ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ ने पहले ही दिन लगभग 52 करोड़ की कमाई की थी. पहले हफ्ते में 104 करोड़ का बिजनेस करने वाली इस फिल्म का 140 करोड़ में पैक अप होना, आमिर खान के लिए बहुत ही दुखद था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप हुई और आमिर खान को पहली बार इस तरह की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा. ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ की असफलता आमिर खान के लिए एक बड़ा झटका थी. उन्होंने हमेशा अपनी फिल्मों की गुणवत्ता पर ध्यान दिया था और शायद पहली बार उनकी कोई फिल्म इस कदर नकार दी गई थी.
आमिर खान के पास नहीं हैं शाहरुख-सलमान जैसे फैंस
आमिर खान की इस सफलता के बारे में बात करते हुए फिल्म समीक्षक आरती सक्सेना ने कहा कि आमिर खान के पास वो नहीं है जो सलमान खान और शाहरुख़ खान के पास है. उनके पास उनके घर के बाहर भीड़ करने वाले फैंस नहीं हैं. आमिर अपना काम करते हैं और फिर उसे थिएटर में रिलीज करते हैं. फैंस से या मीडिया से कनेक्ट करना उन्होंने पिछले 5 सालों से शुरू किया है. शाहरुख-सलमान की तरह आमिर के पास वो फैनडम नहीं है, अपने एक्टर की बुरी फिल्म भी देखें. शायद यही वजह है कि उनकी ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ फ्लॉप हुई.
‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ का शिकार बनें आमिर खान
‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ के बाद, उन्होंने कुछ समय का ब्रेक लिया और फिर ‘लाल सिंह चड्ढा’ (2022) के साथ वापसी की. ये फिल्म हॉलीवुड क्लासिक ऑस्कर विनिंग फिल्म ‘फॉरेस्ट गम्प’ की आधिकारिक हिंदी रीमेक थी. फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही इसे सोशल मीडिया पर निगेटिव कमेंट्स का सामना करना पड़ा. आमिर खान के किरदार और फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई. फिल्म के बहिष्कार की मांग तक उठी. सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद ‘बायकॉट बॉलीवुड’ ट्रेंड भी तेजी से बढ़ रहा था. नार्थ बेल्ट में साउथ की फिल्मों का बोलबाला हो रहा था और इन सब के बीच ‘लाल सिंह चड्ढा’ जैसी अच्छी फिल्म भी बुरी तरह से पिट गई.
ओटीटी ऑडियंस को पसंद आई ‘लाल सिंह चड्ढा’
आमिर खान के बेहतरीन अभिनय के बावजूद ‘लाल सिंह चड्ढा’ दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही. यह आमिर खान के करियर की सबसे बड़ी फ्लॉप साबित हुई. लेकिन जब ये फिल्म ओटीटी पर आई तब लोगों ने उसे खूब देखा. लेकिन आमिर खान के सिर पर लगा फ्लॉप का स्टैम्प बरकरार रहा. इन दो बड़ी फ्लॉप फिल्मों के बाद, आमिर खान पर सवाल उठने लगे. क्या उनका स्टारडम खत्म हो गया है? क्या दर्शक अब उन्हें देखना नहीं चाहते? क्या उनकी फिल्म चुनने की समझ कमजोर पड़ गई है? सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया गया. उनके पुराने बयानों को निकालकर उन्हें निशाना बनाया गया और उनकी हर गतिविधि पर नकारात्मक टिप्पणियां की गईं. एक समय का सुपरस्टार, जो अपनी फिल्मों की सफलता के लिए जाना जाता था, अब अपनी असफलताओं और नकारात्मक प्रचार के लिए चर्चा में रहने लगा.
3 साल बाद कमबैक कर रहे हैं आमिर
लेकिन आमिर खान हार मानने वालों में से नहीं हैं. उन्होंने हमेशा चुनौतियों का सामना किया है और अपनी गलतियों से सीखा है. अब, लगभग तीन साल के ब्रेक के बाद, वह एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी करने के लिए तैयार हैं. उनकी अगली फिल्म का नाम है ‘सितारे जमीन पर’. इस फिल्म का शीर्षक उनकी 2007 की क्लासिक फिल्म ‘तारे जमीन पर’ से प्रेरित है, जो एक डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चे और उसके कला शिक्षक की कहानी थी. उस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की थी, बल्कि सामाजिक रूप से भी एक महत्वपूर्ण संदेश दिया था.
नई फिल्म से बदला लेंगे आमिर खान!
‘सितारे जमीन पर’ आमिर खान के लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह उनकी खोई हुई प्रतिष्ठा को वापस पाने और अपने आलोचकों को जवाब देने का एक मौका है. ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ और ‘लाल सिंह चड्ढा’ की असफलता के बाद, उन पर जो सवाल उठे हैं, उनका जवाब आमिर जरूर अपनी अगली फिल्म की सफलता से देना चाहेंगे. ये फिल्म उनके लिए एक तरह से ‘चुन चुन कर बदला’ लेने जैसा होगा, आर वो अपनी कला और कहानी कहने की क्षमता से उन सभी लोगों को गलत साबित कर पाते हैं. जिन्होंने उन्हें कमजोर समझा.
खास कहानियां बताने की कोशिश करते हैं आमिर
अब ये देखना दिलचस्प होगा कि ‘सितारे जमीन पर’ दर्शकों और समीक्षकों पर कैसा प्रभाव डालती है. आमिर खान ने हमेशा लीग से हटकर फिल्में बनाने की कोशिश की है और अक्सर सामाजिक मुद्दों को अपनी फिल्मों के माध्यम से उठाया है. ‘तारे जमीन पर’ इसका एक बेहतरीन उदाहरण था. अगर ‘सितारे जमीन पर’ भी उसी तरह की संवेदनशीलता और गहराई के साथ बनाई गई है, तो वो निश्चित रूप से दर्शकों के दिलों को छू लेगी और आमिर खान के करियर को एक नई दिशा देगी.
फिलहाल, ‘सितारे जमीन पर’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता है. आमिर खान के फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि यह फिल्म उनकी पिछली असफलताओं को भुला देगी और उन्हें एक बार फिर उसी मुकाम पर पहुंचा देगी, जिसके वह हकदार हैं. ये फिल्म न सिर्फ आमिर खान के लिए, बल्कि हिंदी सिनेमा के लिए भी एक महत्वपूर्ण फिल्म साबित हो सकती है, जो यह साबित करेगी कि अच्छा कंटेंट और दमदार कहानी हमेशा दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच सकती है, भले ही नकारात्मक प्रचार कितना भी हावी क्यों न हो. अब बस इंतजार है उस दिन का, जब ‘सितारे जमीन पर’ रिलीज होगी और आमिर खान एक बार फिर अपनी चमक बिखेरेंगे.
चुन चुन कर बदला लेंगे आमिर खान, ‘सितारे जमीन पर’ सभी आलोचना का हिसाब लेगी!
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