आगरा जिलाधिकारी-नगर आयुक्त-मेयर को अधिवक्ता ने भेजा नोटिस: पूछा- 26 जनवरी को शहर में क्यों नहीं निकाला परंपरागत जुलूस
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राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर शर्मा एडवोकेट 26 जनवरी को शहर में परंपरागत जुलूस न निकाले जाने पर DM, नगर आयुक्त और मेयर हेमलता दिवाकर को नोटिस भेजा है। नोटिस की एक प्रति सूचनार्थ CM योगी आदित्यनाथ को भी भेजी है।
नोटिस में ये कहा अधिवक्ता ने नोटिस में कहा है कि आजादी के बाद 1947 से हर वर्ष 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस एवं 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को शहर में परंपरागत जुलूस निकलता रहा है। यह जुलूस फुलट्टी चौराहे से शुरू होकर किनारी बाजार, रावतपाड़ा, काला महल, बेलगंज, कचहरी घाट होते हुए पुरानी चुंगी मोतीगंज के मैदान में खत्म होता था। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर वहां सभाएं आयोजित होती रही हैं।
व्यवस्था प्रशासन करता रहा है इसकी सभी व्यवस्थाएं नगर निगम एवं आगरा प्रशासन करता रहा है। इस परंपरागत जुलूस के लिए नगर निगम एवं प्रशासन की ओर से भारत माता की एक झांकी, बैंड तथा पुरानी चुंगी के मैदान में मंच, माइक, कुर्सियां, फर्श और एवं पानी की व्यवस्था की जाती रही है। मगर, पिछले कुछ सालों से प्रशासन अपनी आंखें बंद करके बैठा है।
पिछले 15 अगस्त से न तो झांकी निकाली है और न ही बैंड की व्यवस्था की है। इधर, कांग्रेसी परंपरागत जुलूस निकाल कर पुरानी चुंगी के मैदान पर पहुंचे।
इसका एतिहासिक महत्व बताया
अधिवक्ता ने अपने नोटिस में मुख्यमंत्री सहित उक्त जिम्मेदार अधिकारियों एवं मेयर को मोतीगंज पुरानी चुंगी मैदान के ऐतिहासिक महत्व को बताया है। लिखा है कि सन् 1940 में आगरा के क्रांतिकारियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को खून से पत्र लिखकर इसी मैदान में बुलाया था। नेताजी ने इसी मैदान में सभा की थी, जिसमें भारी संख्या में क्रांतिकारियों ने भाग लिया था।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने इसी मैदान में “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का नारा देकर सशस्त्र क्रांति का बिगुल फूंका था। इसके बाद 10 अगस्त 1942 को इसी मैदान में महात्मा गांधी के करो या मरो नारे की शपथ ली गई थी। तब इसी मैदान में सभा में अंग्रेजों ने क्रांतिकारीयों पर सभा के दौरान गोली चलवाई थी। जिसमें 17 वर्ष के एक महान देशभक्त क्रांतिकारी परशुराम शहीद हुए थे।
वह स्वयं इसमें भाग लेते रहे हैं अधिवक्ता ने कहा है कि पिछले 35 सालों से वह स्वयं भी अपने साथियों के साथ इस परंपरागत जुलूस में भाग लेकर पुरानी चुंगी के मैदान में जाकर गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस मनाते आ रहे हैं। इस वर्ष आगरा प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा भारत माता की झांकी नहीं निकाली।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अगर इस नोटिस प्राप्ति के बाद 24 घंटे के अंदर अगर तीनों जिम्मेदार अधिकारियों एवं मेयर ने आगरा की जनता से क्षमा नहीं मांगी तो अधिवक्ता इन तीनों के विरुद्ध कानूनी कारवाई करने को बाध्य होंगे।