हमेशा के लिए हवाई किराए पर नहीं लगा सकते कैप, नागरिक उड्डयन मंत्री ने सदन में कही बड़ी बात
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Parliament Winter Session: त्योहारों और छुट्टियों के दौरान आसमान छूती हवाई टिकटों की कीमतों को लेकर यात्रियों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है. सोशल मीडिया पर लोग इन दिनों एयरलाइंस की ओर से अचानक कीमतें बढ़ाने की शिकायत कर रहे हैं. इसी बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि पूरे साल के लिए हवाई किरायों पर एक तय सीमा लागू करना संभव नहीं है.
सरकार का तर्क, सालभर कैप लगाना व्यावहारिक नहीं
लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि हवाई किराए मांग और सीजन के हिसाब से बदलते हैं. त्योहारों, छुट्टियों या किसी आपात स्थिति में टिकटों की मांग तेज हो जाती है, जिसके चलते कीमतें बढ़ना स्वाभाविक है. ऐसी परिस्थितियों में पूरे साल के लिए एक स्थायी किराया सीमा तय करना व्यवहारिक और आर्थिक रूप से संभव नहीं है.
उन्होंने कहा कि बाजार आधारित प्रणाली में किराए स्वाभाविक रूप से मांग और आपूर्ति के संतुलन पर निर्भर करते हैं. इसलिए सरकार का ध्यान एयरलाइंस पर अनावश्यक बोझ डालने के बजाय उड़ानों की संख्या बढ़ाने पर है.
एयरलाइंस को क्षमता बढ़ाने के निर्देश
मंत्री ने बताया कि पीक सीजन में यात्रियों को ज्यादा विकल्प देने और किराए को नियंत्रित रखने के लिए सरकार एयरलाइंस को अधिक उड़ानें जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करती है. लोकप्रिय रूटों पर अतिरिक्त फ्लाइट बढ़ाने और सीट क्षमता में वृद्धि करने के लिए भी निर्देश जारी किए जाते हैं. इस कदम का उद्देश्य यह है कि प्रतिस्पर्धा बढ़े और अचानक मांग बढ़ने पर किराए अनियंत्रित स्तर तक न पहुंचें.
IndiGo के परिचालन संकट के बीच सरकार की रणनीति
इंडिगो जो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है. हाल ही में तकनीकी और परिचालन चुनौतियों से जूझ रही है. इन समस्याओं के चलते कंपनी को अपने कुछ रूटों पर उड़ानों में कटौती करनी पड़ी है. ऐसे समय में सरकार की चिंता यह है कि उड़ानों की कमी किरायों में और ज्यादा उछाल न ला दे. इसलिए मंत्रालय नई उड़ानें जोड़ने, वैकल्पिक रूट उपलब्ध कराने और क्षमता बढ़ाने को प्राथमिकता दे रहा है. सरकारी लक्ष्य है कि यात्रियों को हर स्थिति में पर्याप्त विकल्प मिलें ताकि किराए एक उचित और संतुलित दायरे में रहें.
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
सरकार ने संकेत दिया है कि वह एयरलाइंस को बाजार में पर्याप्त क्षमता बनाए रखने के लिए प्रेरित करती रहेगी.
– पीक सीजन में अतिरिक्त उड़ानें
– लोकप्रिय रूटों पर बढ़ी हुई आवृत्ति
– किरायों पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण
– यात्रियों के लिए अधिक विकल्प
बता दें कि ये कदम टिकटों की कीमतों पर तत्काल कैप तो नहीं लगाते, लेकिन किराए को स्थिर और प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में जरूर मदद कर सकते हैं. हवाई टिकटों पर सालभर कैप भले ही संभव नहीं हो, लेकिन सरकार उड़ान क्षमता बढ़ाकर और एयरलाइंस पर निगरानी रखकर किराए को हाथ से निकलने नहीं देना चाहती. यात्रियों को आने वाले महीनों में ज्यादा फ्लाइट विकल्प और बेहतर कनेक्टिविटी देखने को मिल सकती है.
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