Nation- भाषा विवाद पर अजित पवार का बड़ा बयान… हिंदी को पहली कक्षा से लागू नहीं करेंगे, पहले कैबिनेट में होगी चर्चा- #NA

भाषा विवाद पर अजित पवार का बड़ा बयान... हिंदी को पहली कक्षा से लागू नहीं करेंगे, पहले कैबिनेट में होगी चर्चा

अजित पवार

महाराष्ट्र सरकार के स्कूलों में पहली कक्षा से हिंदी लागू करने के फैसले पर विवाद बढ़ने के बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने स्थिति साफ की. शनिवार, 28 जून को बारामती में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदी को पहली कक्षा से लागू करने की कोई मजबूरी नहीं है. इस मुद्दे पर रविवार को कैबिनेट बैठक में चर्चा होगी, जो विधानसभा के मानसून सत्र से पहले होगी.

अजित पवार ने कहा कि ‘हमारा मानना है कि हिंदी की पढ़ाई पांचवीं कक्षा से शुरू होनी चाहिए. पहली कक्षा से हिंदी थोपने की कोई जरूरत नहीं है.’ उन्होंने यह भी साफ किया कि हर राज्य में बच्चों को अपनी मातृभाषा सीखने पर जोर देना चाहिए. मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने का आदेश दिया गया था, लेकिन यह तभी लागू होगा जब कक्षा में कम से कम 20 छात्र वैकल्पिक भाषा न चुनें.

हमारी सोच हमेशा साफ, बच्चों पर अनावश्यक दबाव नहीं डालेंगे

पवार ने आगे कहा कि ‘अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में मराठी पढ़ना अनिवार्य है. पांचवीं कक्षा से छात्रों को अन्य भाषा चुनने की आजादी होनी चाहिए.’ उन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार हिंदी को जबरदस्ती लागू नहीं कर रही है. विधानसभा सत्र 30 जून से शुरू होने वाला है, और उससे पहले कैबिनेट में इस मुद्दे पर विस्तार से बात होगी. विपक्ष ने बीजेपी-नीत सरकार के इस फैसले की आलोचना की थी, जिसके बाद सरकार ने इस पर पुनर्विचार का भरोसा दिया है. अजित पवार ने कहा कि ‘हमारी सोच हमेशा साफ रही है कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए.’

क्यों हो रहा है हिंदी का विरोध?

महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कक्षा 1 से 5 तक के मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाने का फैसला किया है. सरकार का कहना है कि यह नीति छात्रों को देश की एक प्रमुख भाषा से जोड़ेगी. लेकिन विपक्षी दलों का तर्क है कि यह कदम मराठी भाषा और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करेगा. राज ठाकरे ने इसे ‘हिंदी थोपने’ की कोशिश बताया. साथ ही कहा कि महाराष्ट्र में मराठी का सम्मान सर्वोपरि है.

विपक्ष का 5 जुलाई को मुंबई में बड़ा प्रदर्शन

शिवसेना (उद्धव गुट) और मनसे ने 5 जुलाई को मुंबई के गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक एक विशाल मार्च निकालने की योजना बनाई है. पहले यह प्रदर्शन 6 और 7 जुलाई को अलग-अलग होने वाला था, लेकिन एकादशी के त्योहार को ध्यान में रखते हुए तारीख बदलकर 5 जुलाई कर दी गई. इस मार्च में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. साथ ही मुंबई पुलिस ने सुरक्षा के लिए ड्रोन निगरानी और भारी पुलिस बल तैनात करने की तैयारी भी की है.

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