पृथ्वी की कक्षा छोड़ चांद की ओर बढ़े अंतरिक्ष यात्री:34,000 Km/hr की रफ्तार से चल रहा; जरा सी चूक से चंद्रमा से टकरा सकता है यान- INA NEWS

आर्टिमिस-2 मिशन अब चांद की ओर बढ़ रहा है। लॉन्च के एक दिन बाद 3 अप्रैल को सुबह 5:19 बजे ओरियन कैप्सूल ने थ्रस्टर्स फायर किए और पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी। अब यह अगले 4 दिन अंतरिक्ष में सफर करेगा और वहां पहुंचेगा जहां आज तक केवल 24 इंसान ही पहुंच सके हैं। पृथ्वी के ऑर्बिट को छोड़कर चांद की तरफ जाने के लिए इंजन फायर करने की इस प्रोसेस को ‘ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न’ कहते हैं। यह करीब 6 मिनट का मैन्यूवर था, जिसने यान की रफ्तार बढ़ाकर 22,000 मील प्रति घंटा यानी, करीब 34 हजार Km/hr कर दी। रास्ते में जरा सी चूक यान को चांद से टकरा सकती है आर्टिमिस-2 अब ‘फ्री-रिटर्न ट्रेजैक्टरी’ पर है। इसका मतलब है कि यान अब न्यूटन के गति के पहले नियम- जो वस्तु चल रही है, वह चलती रहेगी के भरोसे आगे बढ़ रहा है। पूरे सफर के दौरान इंजन सिर्फ छोटे-मोटे सुधार के लिए ही फायर किए जाएंगे। यह हिस्सा बेहद संवेदनशील है। रास्ते में जरा सी चूक यान को चांद से टकरा सकती है या उसे अनंत अंतरिक्ष में भटका सकती है। पांचवां दिन: चंद्रमा की ग्रेविटी में दाखिल होगा आर्टेमिस-2 5 अप्रैल मिशन के पांचवें दिन तक, धरती के गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव की वजह से कैप्सूल की रफ्तार धीमी हो जाएगी। लेकिन, जैसे ही यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में दाखिल होगा, इसकी गति फिर से बढ़ने लगेगी और यह चांद की ओर तेजी से बढ़ने लगेगा। छठा दिन: बास्केटबॉल जैसा बड़ा नजर आएगा चंद्रमा मिशन के छठे दिन ओरियन चांद की सतह से महज 6,400 किमी ऊपर से गुजरेगा। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री चांद के उस हिस्से को अपनी आंखों से देख पाएंगे, जो पृथ्वी से कभी नजर नहीं आता। खिड़की से देखने पर चांद इतना बड़ा दिखाई देगा, जैसे हाथ की दूरी पर कोई बास्केटबॉल रखी हो। सातवां दिन: चांद की ग्रेविटी से पृथ्वी पर लौटेगा यान सातवें दिन चांद के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलकर यान वापस धरती की ओर अपना सफर शुरू कर देगा। आर्टिमिस-2 का रास्ता काफी हद तक 1970 के अपोलो-13 मिशन जैसा है। यह चांद के गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल ‘गुलेल’ की तरह करेगा, जो यान को वापस पृथ्वी की ओर धकेल देगा। पूरे मिशन में चारों अंतरिक्ष यात्री करीब 11.02 लाख Km का सफर तय करेंगे। दसवां दिन: 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में गिरेगा यान तय प्लान के मुताबिक भारतीय समय के अनुसार 11 अप्रैल को सुबह 6:30 बजे ओरियन पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा। 6:36 बजे यह सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में ‘स्प्लैशडाउन’ करेगा। इसके बाद ह्यूस्टन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें मिशन की जानकारी दी जाएगी।
———————————— ये खबर भी पढ़े… 1972 के बाद पहली बार चांद के करीब पहुंचेंगे इंसान:10 दिन में चंद्रमा का चक्कर काटकर लौटेंगे 4 अंतरिक्ष यात्री; नासा का आर्टेमिस-II मिशन लॉन्च अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने आज 2 अप्रैल को ‘आर्टेमिस-2’ मिशन लॉन्च किया। सुबह 4:05 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना हुआ। फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से ये लॉन्चिंग हुई। पूरी खबर पढ़ें…

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यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

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