सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट को लेकर केंद्र की चेतावनी:एडवाइडरी में कहा- कंपनियां ऐसे कंटेंट पर रोक लगाएं, नहीं तो केस होगा- INA NEWS

केंद्र सरकार ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट को लेकर चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि कंपनियां अश्लील, भद्दे, पोर्नोग्राफिक, बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले और दूसरे तरह के गैर-कानूनी कंटेंट पर तुरंत रोक लगाएं। यदि कंपनियां ऐक्शन नहीं लेंगी तो उन पर केस चलेगा। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी (Meity) ने ये एडवाइजरी सोमवार को जारी की थी। PTI न्यूज एजेंसी ने मंगलवार को रिपोर्ट जारी कर बताया कि एडवाइजरी में इंटरनेट प्लेटफॉर्म को IT एक्ट के संबंध में अपने कंप्लायंस फ्रेमवर्क की समीक्षा करने के लिए कहा गया है। मंत्रालय ने कहा- सोशल मीडिया इंटरमीडियरी सहित अन्य इंटरमीडियरी को याद दिलाया जाता है कि वे IT एक्ट की धारा 79 के तहत कानूनी रूप से बाध्य हैं। तीसरे पक्ष की जानकारी जो उनके प्लेटफॉर्म पर या उसके जरिए अपलोड, पब्लिश, होस्ट, शेयर या ट्रांसमिट की जाती है, उसके संबंध में जिम्मेदारी से छूट पाने की शर्त के तौर पर उचित सावधानी बरतें। एडवाइजरी की मुख्य बातें… PTI की रिपोर्ट के मुताबिक ये प्रावधान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करने की मांग करते हैं। इसमें ये ध्यान रखने को कहा गया है कि यूजर ऐसी कोई भी जानकारी और कंटेंट होस्ट, डिस्प्ले, अपलोड, मॉडिफाई, पब्लिश, ट्रांसमिट, स्टोर, अपडेट या शेयर न करें जो अश्लील, पोर्नोग्राफिक, बच्चों के यौन शोषण से संबंधित, बच्चों के लिए हानिकारक, या गैर-कानूनी हो। 25 दिसंबर: सेना के जवानों को मिली थी सोशल मीडिया चलाने की इजाजत भारतीय सेना के जवानों को पांच साल बाद 25 दिसंबर को सोशल मीडिया एप्स के इस्तेमाल की परमिशन मिली थी। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, नई गाइडलाइन के तहत जवान इंस्टाग्राम पर रील, फोटो और वीडियो देख सकेंगे, लेकिन लाइक, कमेंट करने की अनुमति नहीं है। पूरी खबर पढ़ें… ——- ये खबर भी पढ़ें… मद्रास हाईकोर्ट बोला-भारत में बच्चों के लिए सोशल-मीडिया बैन हो:ऑस्ट्रेलिया जैसे सख्त कानून पर विचार करने का सुझाव दिया, कहा- पैरेंटल कंट्रोल मिले मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को सुझाव दिया कि ऑस्ट्रेलिया की तरह भारत में भी 16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाई जाए। कोर्ट ने कहा कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…

Source link
यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

Back to top button