सीजी- जर्जर सड़क बनी आफत: कटघोरा-पसान मार्ग पर गड्ढों में पलटे वाहन, बदहाली से तंग ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी – INA

कटघोरा से जटगा होते हुए पसान तक जाने वाला मार्ग इन दिनों पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और बारिश का पानी आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद सड़क की मरम्मत शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।

मंगलवार को पसान बस स्टैंड के पास एक बाइक सवार पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। हादसे में उसे गंभीर चोट तो नहीं आई लेकिन उसका मोबाइल गड्ढे में गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने काफी मशक्कत के बाद मोबाइल निकालकर उसे वापस किया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस मार्ग पर ऐसे छोटे-बड़े हादसे लगभग रोज हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार जटगा से पसान तक करीब 15 किलोमीटर लंबा मार्ग पूरी तरह बदहाल है। इस सड़क पर 24 घंटे भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया वाहन चालक अक्सर हादसे का शिकार हो जाते हैं। बुधवार को हल्की बारिश के दौरान यात्रियों से भरा एक ऑटो गड्ढे में असंतुलित होकर पलट गया। संयोगवश किसी को गंभीर चोट नहीं आई। वहीं कोरबा से पेंड्रा जा रही एक यात्री बस भी गड्ढा पार करते समय पलटने से बाल-बाल बच गई।

ये भी पढ़ें: CG: खुदाई में मिला पुराना सोना बताकर बेचा पीतल का हार; 22 लाख की ठगी, मुंबई से तीन आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे

ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे, कर्मचारी और मरीज आवागमन करते हैं। बरसात में सड़क की स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। आए दिन गाड़ियों में पंचर, सड़क दुर्घटनाएं और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि सड़क मरम्मत का ठेका दिए जाने के बावजूद संबंधित ठेकेदार ने अब तक काम शुरू नहीं किया है। कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों ने कलेक्टर और लोक निर्माण विभाग से जटगा-पसान मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि फिलहाल गड्ढों को मिट्टी और गिट्टी से भरकर अस्थायी राहत दी जाए तथा ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को समय रहते प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

 


Credit By Amar Ujala

Back to top button