CG News: कहां छिपा है आखिरी सबसे बड़ा नक्सल कमांडर पपाराव? तलाश में फोकस्ड ऑपरेशन शुरू- #INA

कहां छिपा है आखिरी सबसे बड़ा नक्सल कमांडर पपाराव? तलाश में फोकस्ड ऑपरेशन शुरू

सुरक्षा बलों ने शुरू किया फोकस्ड ऑपरेशन

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई तेज कर दी है. आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर अब आखिरी प्रमुख माओवादी कमांडर पपाराव (Paparao) की तलाश में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. पिछले एक हफ्ते से उसके खिलाफ फोकस्ड सर्च ऑपरेशन जारी है. यही कारण है कि उसका नेटवर्क लगातार दबाव में है.

पपाराव पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित है. उसकी उम्र करीब 52-55 वर्ष बताई जा रही है और वह छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के निमलगुड़ा गांव का रहने वाला है. वह माओवादियों की वेस्ट बस्तर डिवीजन का प्रभारी और राज्य स्तरीय जोनल कमिटी का सदस्य रहा है. उसके पास AK-47 राइफल होने की सूचना है और वह कई हिंसक वारदातों में शामिल रहा है.

जानकारी के मुताबिक पहले पपाराव करीब 35 हथियारबंद कैडर की टीम का नेतृत्व करता था, लेकिन लगातार चल रहे काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशनों के कारण अब उसका दस्ता छोटे-छोटे ग्रुपों में बंट चुका है. फिलहाल वह केवल 5 हथियारबंद साथियों के साथ छिपकर घूम रहा है, जो माओवादी ढांचे के बिखरने का संकेत देता है.

कहां छिपा है पपाराव?

अधिकारियों के अनुसार इंद्रावती नेशनल पार्क और अबूझमाड़ के घने जंगलों में पपाराव की मौजूदगी की सूचना है. यह इलाका महाराष्ट्र सीमा से सटा हुआ है, जिसे माओवादी लंबे समय से शरणस्थली के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं. खुफिया जानकारी के मुताबिक वह छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा के जंगली इलाकों में घूमते हुए स्थानीय नेटवर्क से भोजन और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की जानकारी जुटा रहा है.

पिछले सप्ताह बीजापुर में हुई मुठभेड़ में छह माओवादी मारे गए थे, जिनमें पपाराव का करीबी दिलीप बेडजा भी शामिल था. दिलीप माओवादी गतिविधियों में लॉजिस्टिक्स, मूवमेंट और स्थानीय समन्वय का काम संभालता था.

एक साल में 255 ढेर

वर्ष 2025 में बस्तर क्षेत्र में 255 माओवादी मारे गए, जबकि 1,500 से अधिक ने आत्मसमर्पण किया है. केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म (नक्सलवाद) को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है. माओवादी चीफ नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू की 20 मई को हुई मौत को सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है. वहीं नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 रह गई है.

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि क्षेत्र में लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म के खिलाफ ऐतिहासिक प्रगति हुई है. खुफिया आधारित अभियानों और स्थानीय समुदाय के सहयोग से अधिकांश इलाकों से माओवादी प्रभाव खत्म किया जा चुका है.

उन्होंने कहा, अब केवल कुछ बिखरे हुए माओवादी गुट बचे हैं, जिनमें पपाराव के नेतृत्व वाला छोटा समूह शामिल है, जो लगातार भाग रहा है. कई पूर्व माओवादी, जिनमें उसके कुछ साथी भी शामिल हैं, आत्मसमर्पण कर सरकारी पुनर्वास नीति के तहत सामान्य जीवन जी रहे हैं.

आईजी सुंदरराज ने पपाराव और बचे हुए माओवादियों से हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने की अपील की है. साथ ही चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर सुरक्षा बल पूरी सख्ती से कार्रवाई करेंगे. यह अभियान इंद्रावती-अबूझमाड़ बेल्ट में तेज़ी से जारी है, जहां बस्तर में बचे आखिरी संगठित माओवादी नेटवर्क को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है.

कहां छिपा है आखिरी सबसे बड़ा नक्सल कमांडर पपाराव? तलाश में फोकस्ड ऑपरेशन शुरू

[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1]

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button