अररिया – संवेदक की लापरवाही, धूलकण से हो रही आम जनों को परेशानी
मिंटू राय संवाददाता अररिया
अररिया, बिहार। पिछले एक दशक से अररिया के नागरिकों को खराब सड़कें और बड़े-बड़े गड्डों की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। हालाँकि, हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग 57 से अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। यह कार्य 3 करोड़ 93 लाख की लागत से प्रारंभ हुआ था, लेकिन निर्माण कार्य में संवेदक की लापरवाही ने नागरिकों के जीवन को फिर से कठिन बना दिया है। अब लोग धूलकण से परेशान हैं, जिससे घरो में रहना और सांस लेना भी दूभर हो गया है।
जिले की सामाजिक संगठन “सीमांचल युवा जागरण मोर्चा” ने इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी को एक पत्र लिखकर अपनी चिंता प्रकट की है। मोर्चा के अध्यक्ष गगन कुमार झा ने पत्र में लिखा है कि सड़क का उद्घाटन 24 सितंबर 2024 को किया गया था। उसके बाद से ही संवेदक ने उक्त सड़क का काम नुकसान पहुँचाने का कार्य शुरू कर दिया। निर्माण कार्य में यात्री सुविधा को नजरअंदाज करना बिल्कुल भी उचित नहीं है। उक्त मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे धूलकण उड़ते रहते हैं और सड़क किनारे रहने वाले नागरिकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
आवाजाही के कारण धूलकण की समस्या इस हद तक बढ़ गई है कि घरों में रहकर सांस लेना मुश्किल हो गया है। धूलकण के कारण कई छोटे वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। यहीं नहीं, सड़क के आस-पास के लोग दिनभर धूल कण से मिश्रित हवा में सांस लेने को विवश हैं। यह स्थिति ऐसी हो गई है जहां पिछले 10 वर्षों से बड़े गड्डों और खराब सड़क से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी और अब धूलकण से भी लोग त्रस्त हो गए हैं।
गगन झा ने अपनी मांग में यह भी उल्लेख किया है कि 3 करोड़ 93 लाख की लागत से बनने वाली सड़क में पानी के उचित छिड़काव की भी व्यवस्था नहीं की गई है। यह नियम के खिलाफ है कि जब भी सड़क निर्माण कार्य हो रहा हो, तब कम से कम सुबह और शाम को पानी का छिड़काव किया जाए। इससे धूलकण की समस्या में कमी आएगी और नागरिकों को राहत मिलेगी।
संवेदक द्वारा इस कार्य को नजरअंदाज करने से नागरिकों में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। निर्माण कार्य के प्रारम्भ होने की उम्मीद के पीछे नागरिकों की थोड़ी-सी उम्मीद थी, लेकिन परिस्थितियाँ अब अधिक नकारात्मक हो गई हैं। गगन झा ने एक बार फिर से डीएम से आग्रह किया है कि वे संवेदक को आदेश दें कि वह कार्य में तेजी लाए और धूलकण की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
इसलिए, अररिया के नागरिक अब एक बार फिर से अपनी उम्मीदें संवेदक और प्रशासन के ऊपर टिका रहे हैं कि कहीं न कहीं उन्हें इस धूलकण से निजात मिलेगी। यदि सरकार और संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में तत्पर नहीं होते हैं, तो आम जनों को इन कठिनाइयों का सामना करते रहना होगा। यह समस्या न केवल वर्तमान में, बल्कि भविष्य में भी नागरिकों की जीवन-शैली को प्रभावित कर सकती है।
इसलिए, हमें उम्मीद रखनी चाहिए कि प्रशासन संवेदक को सख्त निर्देश देंगे कि वह तुरंत पानी छिड़काव की व्यवस्था करें और आम जनों की समस्याओं का समाधान करें। धूलकण से परेशान अररिया के नागरिकों को राहत मिले, यही समाज की भलाई के लिए आवश्यक है।
उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस विषय पर गंभीर विचार करेंगे और आम जनों को धूलकण से राहत दिलाने का कार्य शीघ्र संपन्न करेंगे।




