Nation- SIR के खिलाफ कांग्रेस ने बनाई टीम, JDU ने बताया हताशा, देखें बिहार सियासत की बड़ी खबरें- #NA

राहुल गांधी और नीतीश कुमार. (फाइल फोटो)
बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. जिसको लेकर जेडीयू, बीजेपी, आरजेडी और कांग्रेस समेत सभी दलों ने जोरशोर से तैयारी शुरू कर दी है. वहीं इन दिनों एसआईआर का मुद्दा भी बिहार में गरमाया हुआ है. जिसको लेकर सत्ता पक्ष, विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बयानबाजी भी जमकर हो रही है.
वहीं कांग्रेस ने बिहार में एसआईआर के नाम पर हो रही वोट चोरी के खिलाफ सामाजिक न्याय का नया मोर्चा तैयार किया है. वहीं जेडीयू ने एसआईआर को लेकर बेवजह सवाल उठाने वाले आरजेडी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. आइए बिहार से जुड़ी बड़ी खबरों पर एक नजर डाल लेते हैं.
1- कांग्रेस ने नियुक्त किए SC-ST, EBC, OBC आबर्जवर
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने बिहार में एसआईआर के नाम पर हो रही वोट चोरी के खिलाफ सामाजिक न्याय का नया मोर्चा तैयार किया है. पार्टी ने इसके लिए विधानसभावार एससी, एसटी, इबीसी, ओेबीसी आबर्जवर नियुक्त किया है. इतना ही नहीं बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में नवनियुक्त सभी आबर्जवर को इस काम के लिए बाजाप्ता ट्रेनिंग भी दी गयी.
सोमवार को प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि चुनाव आयोग अलग-अलग तरीके से बिहार में वोट की चोरी कर रहा है. राज्य के मुजफ्फरपुर, जमुई और छपरा समेत लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों में ये देखा गया कि एक-एक घर में 300-300 लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं. हद तो ये कि एक ही घर में अलग-अलग जाति और धर्म के लोगों के नाम जोड़ दिए गए हैं.
इसी के साथ बड़े पैमाने पर लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिये गये है. इससे सबसे ज्यादा प्रभावित एससी, एसटी, इबीसी, ओेबीसी मतदाता हुए है. इनसे ऐसे-ऐसे कागजात मांगे जा रहे हैं जो सामान्य लोगों के पास होते ही नहीं.
2- नीतीश कुमार के विजन से बदल रहा है बिहार: जेडीयू
जेडीयू प्रदेश प्रवक्ता डाॅ. निहोरा प्रसाद यादव ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में आज बिहार का सर्वांगीण विकास सबके सामने है. यह वही बिहार है, जहां सत्ता में आने के लिए आज ऐसे लोग भी अपने विजन की तारीफ पाने की कोशिश कर रहे हैं, जो चारों ओर से आर्थिक अपराधों में घिरे हैं और भ्रम फैला रहे हैं कि उनके विचारों का अनुसरण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया है.
हकीकत यह है कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सत्ता में आए थे, तब ये नाबालिग थे और उनका तथाकथित विजन केवल अवैध तरीके से संपत्ति सृजन और घोटाले करने तक सीमित था. निहोरा प्रसाद ने कहा कि साल 2006 से लगातार, नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार में 100 से अधिक लोककल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनसे महिलाओं, दलितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यक समुदाय को सीधे लाभ मिला है.
3- SIR पर कांग्रेस-RJD का दोहरा रवैया उनकी हताशा: राजीव
जेडीयू राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बिहार में एसआईआर को लेकर बेवजह सवाल उठाने वाले राष्ट्रीय जनता दल एवं कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. सोमवार को उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और विपक्ष को अपनी हार की आहट साफ सुनाई देने लगी है, वैसे-वैसे उनकी भाषा और तेवर बदल रहे हैं. लोकतंत्र की दुहाई देने वाले ये वही नेता हैं, जिनका राजनीतिक इतिहास बूथ लूट, बाहुबल और बोगस वोटिंग जैसे काले अध्यायों से भरा पड़ा है.
आज जब बिहार और देश में मतदाता सूची को स्वच्छ एवं पारदर्शी बनाने के लिए एसआईआर जैसी प्रक्रिया लागू की गई है, तब कांग्रेस और राजद को अचानक से लोकतंत्र की चिंता सताने लगी है. यह वही दल हैं जिन्होंने अतीत में बाहुबली तत्वों को संरक्षण देकर खुलेआम बूथ कब्जा कराया और वोटरों के मताधिकार का हनन किया. राजीव रंजन ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना नोटिस और जवाब के किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा. इसके बावजूद तेजस्वी यादव और राहुल गांधी संवैधानिक संस्था के खिलाफ झूठ और भ्रम फैलाने में लगे हुए हैं.
4- लोगों को वोट से वंचित करना चाहती है सरकार: दीपांकर
भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा है कि एसआइआर के जरिए सरकार लोगों को वोट से वंचित करना चाहती है. चुनाव आयोग, 65 लाख लोगों का नाम हटाया गया, जिसमें कई ऐसे लोग हैं जो जीवित होते हुए भी मृत्यु घोषित हो गए हैं और कई ऐसे लोग हैं जो मृत होने के बावजूद भी जीवित है. दीपांकर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में भी मामला गया. चुनाव आयोग से जानकारी भी मांगी गई कि 15 ऐसे लोगों का नाम दीजिए जो मृत है. उनका नाम काटा गया है. चुनाव आयोग की तरफ से अब तक इस पर कोई ठोस पहल नहीं की गई.
उनका कहना था कि उप मुख्यमंत्री का नाम दो जगह है. उन्होंने जिक्र किया कि उनका नाम काटने को लेकर आवेदन दिया गया है. तब भी उनका नाम नहीं काटा तो आप समझ सकते हैं कि आम लोगों की क्या स्थिति होगी. चंपारण के इलाके में 5000 लोग उत्तर प्रदेश से आकर बसे हैं उनका नाम भी इस लिस्ट में शामिल है तो यह कैसे मान जाए कि निष्पक्ष तरीके से काम हो रहा है.
5- देश को गुमराह कर रहा विपक्ष: संतोष सुमन
हम (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष सुमन ने कहा है कि चुनाव आयोग का विरोध कर विपक्ष देश को गुमराह कर रहा है. पिछले 11 सालों में किसी भी मुद्दे पर सरकार को घेरने में विफल रहा विपक्ष अब चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर अनर्गल आरोप लगा कर भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की छवि धूमिल करना चाहता है. सुमन ने कहा कि पिछले दो हफ्ते से संसद की कार्यवाही बाधित करना विपक्ष की दिशाहीनता का परिचायक है.
जनता से विमुख विपक्ष देश में अराजकता पैदा कर सत्ता हासिल करना चाहता है. चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी सांसदों के मार्च का मकसद देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को नकारना है. उन्होंने कहा कि संविधान को अपनी जेब में रखने वाले राहुल गांधी दरअसल अब संविधान को ठेंगे पर रख कर अपनी राजनीति करना चाहते हैं.
6- किसी के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता: राजू तिवारी
सारण जिले में लोजपा रामविलास के नेताओं के सामूहिक इस्तीफे के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने कहा कि हमारा संगठन चिराग पासवान के चेहरे से है. किसी के जाने से कुछ नहीं होने वाला है. राजू तिवारी ने पैसा उगाहने की बात पर कहा क सभी आरोप बेबुनियाद हैं. छपरा में हमारा संगठन मजबूत है. हमारे नेता चिराग पासवान के नाम पर सभाओं में भीड़ जुटती है.
इसके साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले का ठीकरा चिराग पासवान के चाचा और राष्ट्रीय लोक जन शक्ति पार्टी सुप्रीमो पशुपति पारस पर लगाया है. उन्होंने बगैर नाम लेते हुए कहा कि अभी जो भी हुआ है यह भ्रम फैलाने वाली स्थिति है. यह वही लोग कर रहे हैं जिनके पास न जमीन है, न संगठन है, न नीति है, न नियत है. सिर्फ आशा लगाए हुए हैं कि कैसे महागठबंधन में हमारा बेटा, हमारा भतीजा सेट हो जाए.
SIR के खिलाफ कांग्रेस ने बनाई टीम, JDU ने बताया हताशा, देखें बिहार सियासत की बड़ी खबरें
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