देश – कोलकाता ही नहीं, केरल से भी घुसपैठियों का पलायन, हकीमपुर बॉर्डर पर भारी भीड़; किस बात का खौफ? – #INA

पश्चिम बंगाल में सरकार की सख्ती और ‘डिटेंशन कैंप’ के खौफ से अवैध घुसपैठियों में भारी दहशत है, जिसके चलते केवल कोलकाता ही नहीं बल्कि केरल से भी विदेशी मजदूर हकीमपुर बॉर्डर होते हुए वापस बांग्लादेश लौट रहे हैं। भारत के लिए यह आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर एक बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि इस ‘रिवर्स माइग्रेशन’ से न सिर्फ देश के रोजगार और संसाधनों पर अवैध कब्जा घटेगा, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में लंबे समय से जारी जनसांख्यिकीय असंतुलन का खतरा भी कम होगा। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और नई सरकार की ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति लागू होने के बाद, अवैध प्रवासियों में भारी खौफ है। इसके चलते उत्तर 24 परगना के हकीमपुर चेकपोस्ट से बड़ी संख्या में बांग्लादेशी अपने देश वापस लौट रहे हैं। चिलचिलाती धूप के बीच खुले मैदान में करीब 300 पुरुष, महिलाएं और बच्चे अपने सामान के साथ बैठे हैं और किसी भी तरह सीमा पार करने की राह देख रहे हैं।
शुभेंदु सरकार का सख्त अल्टीमेटम: “जल्दी भागो…”
हाल ही में बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार अब बिना किसी अदालती कार्रवाई के ऐसे लोगों को सीधे BSF को सौंप रही है।
“जल्दी-जल्दी भागो, नहीं तो जो करना है सरकार करेगी। हम घुसपैठियों को जेल में रखकर उनके खाने और दवाइयों पर जनता का पैसा क्यों बर्बाद करें? वे हमारे दामाद नहीं हैं।” – शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री (पश्चिम बंगाल)
डिटेंशन कैंप और कार्रवाई का खौफ
राज्य में हाल ही में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान पूरा हुआ है। इसके साथ ही, बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा डिटेंशन कैंप खोले जाने से अवैध रूप से रह रहे लोगों में डर बैठ गया है। मालदा और मुर्शिदाबाद में खुले दो डिटेंशन सेंटर्स में लोगों की संख्या 16 तक पहुंच गई है। मंगलवार को सीमा की ओर जा रहे लोगों का जिक्र करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा था, “जल्दी-जल्दी भागो, नहीं तो जो करना है सरकार करेगी।” इसी डर के कारण रविवार से ही लोग बॉर्डर पर पहुंचने लगे हैं।
वापस लौटने की होड़ और खौफ के मुख्य कारण
हकीमपुर बॉर्डर पर 300 से ज्यादा पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की भीड़ अपने बोरिया-बिस्तर के साथ जमा है। यह अचानक हुई ‘रिवर्स माइग्रेशन’ कई वजहों का परिणाम है:
SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) का प्रभाव: इस व्यापक वोटर वेरिफिकेशन ड्राइव ने पुराने और फर्जी दस्तावेजों (आधार/राशन कार्ड) की पोल खोल दी है, जिससे प्रवासियों में पकड़े जाने का डर पैदा हो गया है।
डिटेंशन सेंटर्स की शुरुआत: मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे सीमावर्ती जिलों में ‘होल्डिंग सेंटर्स’ (डिटेंशन कैंप) सक्रिय हो गए हैं, जिससे अवैध निवासियों में भारी दहशत है।
मकान मालिकों की सख्ती: अब कोलकाता से लेकर केरल तक मकान मालिक और ठेकेदार बिना असली आधार कार्ड के काम और कमरा देने से साफ इनकार कर रहे हैं।
केरल से भी लौट रहे प्रवासी मजदूर
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ बंगाल ही नहीं, बल्कि केरल में काम करने वाले कई लोग भी डर से वापस लौट रहे हैं। 30 वर्षीय फहीम मलिदा और उनके 3 साथी 8 महीने पहले ही बांग्लादेश के एक दलाल को 7,000 रुपये देकर अवैध रूप से भारत आए थे। केरल में उन्हें मजदूरी के लिए दिन के 1000 रुपये मिलते थे। फहीम के साथी 30 वर्षीय मोतलेब हुसैन ने बताया कि चुनाव के दौरान केरल में मकान मालिकों ने उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया, जो उनके पास नहीं था। इसके बाद उन्होंने केरल से हाकिमपुर बॉर्डर तक पहुंचने के लिए एक भारतीय दलाल को प्रति व्यक्ति 10,000 रुपये दिए। हालांकि, मोतलेब का कहना है कि उन्हें यह भी नहीं पता कि बांग्लादेश में घुसने के बाद वे अपने घर कैसे पहुंचेंगे।
बॉर्डर फेंसिंग और BSF की भूमिका
हकीमपुर चेकपोस्ट पर BSF के जवान और पुलिस की भारी टुकड़ी बारीकी से निगरानी कर रही है। वरिष्ठ BSF अधिकारियों के अनुसार, लौटने वालों के बायोमेट्रिक चेक किए जा रहे हैं ताकि किसी भी आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके।
सीमा की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए हाल ही में प्रशासन ने कई अहम कदम उठाए हैं, जिससे घुसपैठ पर लगाम लग सके।
पश्चिम बंगाल सीमा सुरक्षा: हालिया घटनाक्रम (टाइमलाइन)
| घटनाक्रम का समय | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| जनवरी 2026 | कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश- राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर 31 मार्च तक बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन BSF को सौंपी जाए। |
| 20 मई 2026 | पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 600 एकड़ जमीन (करीब 27 किमी) आधिकारिक रूप से BSF को हस्तांतरित की। |
| 26 मई 2026 | हकीमपुर चेकपोस्ट पर बांग्लादेश लौटने वाले घुसपैठियों का भारी जमावड़ा शुरू हुआ। |
| 26 मई 2026 | राज्य सरकार द्वारा पकड़े गए अवैध प्रवासियों को सीधे BSF के हवाले कर डिपोर्ट करने का स्पष्ट आदेश जारी। |
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